जनगणना 2027: कैबिनेट ने दी 11,718 करोड़ की मंजूरी, देश का पहला पूरी तरह डिजिटल सेंसस होगा
2027 Census News | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत की अगली जनगणना (Census 2027) के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह देश का पहला पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगा, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र किया जाएगा।
मुख्य बातें एक नजर में:
- बजट मंजूर: ₹11,718.24 करोड़
- पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस
- मोबाइल ऐप हिंदी, अंग्रेजी व सभी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध
- डेटा सिक्योरिटी व प्राइवेसी का पूरा ध्यान
- दो चरणों में होगी जनगणना: → पहला चरण: अप्रैल–सितंबर 2026 (हाउस लिस्टिंग व हाउसिंग सेंसस) → दूसरा चरण: फरवरी 2027 (जनसंख्या गणना)
- इस साल अक्टूबर-नवंबर में ट्रायल भी होगा
इससे पहले रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) ने करीब 14,619 करोड़ रुपये की मांग की थी। मंजूर बजट के बाद अब जनगणना की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच जाएंगी।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
- कोयला क्षेत्र में बड़े सुधार को मंजूरी
- 2026 सीजन के लिए कोपरा का MSP तय → मिलिंग कोपरा: ₹12,027 प्रति क्विंटल → बॉल कोपरा: ₹12,500 प्रति क्विंटल
2027 की यह जनगणना इसलिए भी खास है क्योंकि भारत अब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन चुका है और सटीक आंकड़े नीति-निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं।
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









