ब्लड शुगर टेस्ट में न करें ये 7 सामान्य गलतियां, सटीक परिणाम के लिए अपनाएं सही तरीका
Common Mistakes in Blood Sugar Test | डायबिटीज के बढ़ते मामलों ने ब्लड शुगर की नियमित जांच को हर मरीज के लिए अनिवार्य बना दिया है। सही समय और सही तकनीक से ब्लड शुगर टेस्ट करना न केवल परिणामों की सटीकता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह डायबिटीज के प्रबंधन और लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में भी मदद करता है। हालांकि, कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो न केवल टेस्ट के परिणामों को प्रभावित करती हैं, बल्कि डायबिटीज मैनेजमेंट को भी जटिल बना सकती हैं। गलत समय पर टेस्ट करना, गंदे हाथों से जांच करना, पुरानी टेस्ट स्ट्रिप्स का उपयोग करना, या बार-बार एक ही उंगली को प्रिक करना जैसी छोटी-छोटी गलतियां आपके स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती हैं। आइए, हम आपको ऐसी 7 सामान्य गलतियों और उनसे बचने के उपायों के बारे में विस्तार से बताते हैं, ताकि आप सटीक और विश्वसनीय परिणाम प्राप्त कर सकें। Common Mistakes in Blood Sugar Test
1. गलत समय पर ब्लड शुगर टेस्ट करना
ब्लड शुगर टेस्ट का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। कई लोग खाना खाने के तुरंत बाद टेस्ट कर लेते हैं, जिससे शुगर लेवल असामान्य रूप से हाई दिखाई दे सकता है। यह परिणाम गलत धारणा पैदा कर सकता है और डायबिटीज प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है।
सही तरीका:
-
फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट: सुबह खाली पेट, कम से कम 8 घंटे तक कुछ न खाने के बाद टेस्ट करें।
-
पोस्टप्रैंडियल ब्लड शुगर टेस्ट: खाने के 2 घंटे बाद टेस्ट करें, क्योंकि इस समय ब्लड शुगर का स्तर स्थिर होता है।
-
अपने डॉक्टर से सलाह लें कि आपके लिए कौन सा समय उपयुक्त है।
2. उंगलियों की गलत जगह प्रिक करना
उंगलियों की टिप पर बार-बार प्रिक करने से दर्द और असुविधा बढ़ सकती है, क्योंकि यह हिस्सा अधिक संवेदनशील होता है। इसके अलावा, बार-बार एक ही जगह प्रिक करने से त्वचा में कॉलस (कठोर त्वचा) बन सकता है, जो टेस्ट के परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
सही तरीका:
-
उंगली के किनारे (साइड) को प्रिक करें, जहां दर्द कम होता है और रक्त आसानी से निकलता है।
-
हर बार अलग-अलग उंगलियों का उपयोग करें, ताकि एक ही स्थान पर बार-बार चोट न लगे।
-
हमेशा नया और स्टेराइल लैंसेट इस्तेमाल करें, क्योंकि पुराना लैंसेट दर्द और संक्रमण का कारण बन सकता है।
3. गंदे हाथों से टेस्ट करना
हाथों को बिना धोए ब्लड शुगर टेस्ट करना एक सामान्य गलत है। यदि आपके हाथों पर खाने, फल, या कोई चिपचिपा पदार्थ लगा है, तो यह टेस्ट के परिणामों को गलत कर सकता है। उदाहरण के लिए, फल खाने के बाद बिना धोए टेस्ट करने से शुगर लेवल हाई दिखाई दे सकता है।
सही तरीका:
-
टेस्ट करने से पहले अपने हाथों को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं।
-
हाथों को पूरी तरह सुखा लें, क्योंकि गीले हाथ रक्त को पतला कर सकते हैं, जिससे परिणाम गलत हो सकता है।
-
अल्कोहल स्वैब का उपयोग करें, लेकिन सुनिश्चित करें कि यह पूरी तरह सूख जाए, क्योंकि अल्कोहल भी परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
4. एक्सपायर्ड या खराब टेस्ट स्ट्रिप्स का उपयोग
पुरानी या अनुचित तरीके से स्टोर की गई टेस्ट स्ट्रिप्स गलत परिणाम दे सकती हैं। टेस्ट स्ट्रिप्स नमी, गर्मी, या हवा के संपर्क में आने पर खराब हो सकती हैं, जिससे ब्लड शुगर रीडिंग गलत हो सकती है।
सही तरीका:
-
टेस्ट स्ट्रिप्स की एक्सपायरी डेट हमेशा चेक करें।
-
स्ट्रिप्स को उनकी मूल पैकेजिंग में, ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें।
-
कंटेनर को हर बार उपयोग के बाद तुरंत बंद करें, ताकि स्ट्रिप्स हवा और नमी से सुरक्षित रहें।
-
सस्ती या अनधिकृत स्ट्रिप्स का उपयोग न करें; हमेशा अपने ग्लूकोमीटर के लिए अनुशंसित स्ट्रिप्स खरीदें।
5. ग्लूकोमीटर का गलत इस्तेमाल
ग्लूकोमीटर का सही तरीके से उपयोग न करना भी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। कई लोग मैन्युअल को पढ़े बिना या डिवाइस की सेटिंग्स को समझे बिना इसका उपयोग करते हैं। गलत कैलिब्रेशन, गलत कोडिंग, या अनुचित रखरखाव के कारण गलत रीडिंग मिल सकती है।
सही तरीका:
-
ग्लूकोमीटर के साथ आए मैन्युअल को ध्यान से पढ़ें और डिवाइस को सही तरीके से सेट करें।
-
समय-समय पर ग्लूकोमीटर को कैलिब्रेट करें, खासकर नई स्ट्रिप्स के बैच का उपयोग शुरू करने से पहले।
-
डिवाइस को साफ और धूल-मुक्त रखें।
-
यदि आपको डिवाइस के उपयोग में कोई समस्या हो, तो अपने डॉक्टर या डिवाइस निर्माता से संपर्क करें।
6. बार-बार एक ही उंगली का उपयोग
लगातार एक ही उंगली को प्रिक करने से त्वचा में दर्द, सूजन, या कॉलस बन सकता है। इससे न केवल टेस्ट करना असुविधाजनक हो जाता है, बल्कि रक्त नमूने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
सही तरीका:
-
दसों उंगलियों को बारी-बारी से उपयोग करें।
-
एक ही उंगली को बार-बार प्रिक करने से बचें; कम से कम कुछ दिनों का अंतर रखें।
-
यदि आपको बार-बार टेस्ट करना पड़ता है, तो प्रिक करने की गहराई को न्यूनतम रखें और सही लैंसेट साइज का उपयोग करें।
7. टेस्ट के दौरान पर्याप्त रक्त न लेना
कई बार लोग पर्याप्त मात्रा में रक्त नमूना नहीं लेते, जिसके कारण ग्लूकोमीटर गलत रीडिंग देता है या टेस्ट पूरा नहीं हो पाता। बहुत कम रक्त होने पर डिवाइस त्रुटि दिखा सकता है।
सही तरीका:
-
सुनिश्चित करें कि प्रिक करने पर पर्याप्त रक्त निकलता है। अगर रक्त कम है, तो उंगली को हल्के से दबाएं (मसाज न करें) ताकि रक्त प्रवाह बढ़े।
-
ग्लूकोमीटर की स्ट्रिप पर रक्त की सही मात्रा लगाएं, जैसा कि मैन्युअल में निर्देशित है।
-
यदि बार-बार रक्त की कमी की समस्या हो रही है, तो अपने लैंसेट की गहराई सेटिंग को समायोजित करें।
अतिरिक्त सावधानियां और सुझाव
-
नियमित जांच: अपने डॉक्टर के सुझाव के अनुसार नियमित अंतराल पर ब्लड शुगर टेस्ट करें। अनावश्यक टेस्ट करने से बचें, क्योंकि यह आपकी उंगलियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
-
पर्यावरण का ध्यान रखें: ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप्स को अत्यधिक गर्मी, ठंड, या नमी से बचाएं। टेस्ट हमेशा सामान्य कमरे के तापमान पर करें।
-
डॉक्टर से परामर्श: यदि आपके ब्लड शुगर रीडिंग्स में असामान्य उतार-चढ़ाव दिखाई देता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यह गलत तकनीक, डिवाइस की खराबी, या स्वास्थ्य स्थिति में बदलाव का संकेत हो सकता है।
-
रक्त नमूने की गुणवत्ता: यदि आप ठंडे मौसम में टेस्ट कर रहे हैं, तो अपनी उंगलियों को हल्का गर्म करें ताकि रक्त प्रवाह बेहतर हो।
-
डायबिटीज मैनेजमेंट: सटीक ब्लड शुगर रीडिंग्स आपके आहार, दवाइयों, और व्यायाम के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गलत रीडिंग्स के आधार पर गलत निर्णय लेने से बचें।
ब्लड शुगर टेस्ट एक साधारण प्रक्रिया है, लेकिन इसकी सटीकता आपके स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ऊपर बताई गई गलतियों से बचकर और सही तकनीक अपनाकर आप न केवल सटीक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि डायबिटीज के प्रबंधन को भी आसान बना सकते हैं। नियमित जांच, सही उपकरण, और डॉक्टर की सलाह के साथ आप अपनी सेहत को बेहतर रख सकते हैं। यदि आपको टेस्टिंग प्रक्रिया में कोई संदेह हो, तो अपने डॉक्टर या डायबिटीज एजुकेटर से संपर्क करें। Common Mistakes in Blood Sugar Test
यह भी पढ़ें…
साउथ अमेरिका के ड्रेक पैसेज में 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी का अलर्ट हटा, कोई नुकसान नहीं
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।