पीएम मोदी की जापान यात्रा: सेंदाई में बुलेट ट्रेन की सवारी, भारत-जापान साझेदारी को नई ऊंचाइयां
PM Modi Japan Visit | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा का दूसरा दिन न केवल भारत-जापान के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को रेखांकित करता है, बल्कि उच्च गति रेल प्रौद्योगिकी और कौशल विकास में सहयोग का भी प्रतीक है। शनिवार को पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ टोक्यो से सेंदाई तक बुलेट ट्रेन (शिंकनसेन) की सवारी की। इस दौरान उन्होंने भारतीय रेल चालकों से मुलाकात की, जो जापान की ईस्ट जापान रेलवे कंपनी (JR East) में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह यात्रा भारत के महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए जापान के समर्थन को और मजबूत करती है। इसके अलावा, पीएम मोदी ने जापान के 16 प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात की और टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा किया, जहां सेमीकंडक्टर और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई। इस यात्रा के बाद पीएम मोदी चीन के लिए रवाना होंगे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। PM Modi Japan Visit
सेंदाई में बुलेट ट्रेन की सवारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 30 अगस्त 2025 को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ टोक्यो से सेंदाई तक शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में यात्रा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने जापान कीtool:0⁊ की अत्याधुनिक ALFA-X ट्रेन का अवलोकन किया और JR East के चेयरमैन से बुलेट ट्रेन की तकनीकी जानकारी प्राप्त की। पीएम मोदी ने सेंदाई में भारतीय रेल चालकों से भी मुलाकात की, जो मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए JR East में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह मुलाकात भारत और जापान के बीच तकनीकी और कौशल हस्तांतरण में बढ़ते सहयोग का प्रतीक है।
जापानी पीएम शिगेरु इशिबा ने इस सवारी की तस्वीरें एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेंदाई की ओर। कल रात से जारी, मैं आपके साथ ट्रेन में हूं।” पीएम मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट किया, “सेंदाई पहुंचे। पीएम इशिबा के साथ इस शहर तक शिंकनसेन से यात्रा की।” यह सवारी भारत-जापान के बीच हाई-स्पीड रेल सहयोग को और मजबूत करने का प्रतीक थी।
भारत-जापान साझेदारी: एक नया सुनहरा अध्याय
15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान, पीएम मोदी और पीएम इशिबा ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी (Special Strategic and Global Partnership) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान न केवल दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं, बल्कि जीवंत लोकतंत्र भी हैं। उनकी साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने अगले दस वर्षों के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
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निवेश: जापान से 10 ट्रिलियन येन (लगभग ₹6 ट्रिलियन) का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य।
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इनोवेशन और प्रौद्योगिकी: डिजिटल पार्टनरशिप 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और सेमीकंडक्टर सहयोग।
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इकोनॉमिक सिक्योरिटी: महत्वपूर्ण खनिजों और रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए इकोनॉमिक सिक्योरिटी कोऑपरेशन इनिशिएटिव।
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पर्यावरण: सस्टेनेबल फ्यूल्स इनिशिएटिव और बैटरी सप्लाई चेन पार्टनरशिप।
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स्वास्थ्य और लोग-से-लोग संपर्क: स्वास्थ्य सेवाओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग।
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राज्य-प्रांत साझेदारी: भारतीय राज्यों और जापानी प्रांतों के बीच सहयोग को बढ़ावा।
इसके अलावा, भारत और जापान ने आंध्र प्रदेश में टोयोटा त्सुशो की दुर्लभ पृथ्वी शोधन परियोजना के माध्यम से खनिज संसाधनों में सहयोग को गहरा किया है। दोनों देशों ने अगस्त 2025 में खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। टोक्यो में गवर्नरों के साथ बैठक
शनिवार सुबह, पीएम मोदी ने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के गवर्न Pink:0⁊ गवर्नरों के साथ मुलाकात की और राज्य-प्रांत साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “राज्य-प्रांत सहयोग भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यही कारण है कि 15वें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान इस पर एक अलग पहल शुरू की गई।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस बैठक में प्रौद्योगिकी, निवेश, कौशल, स्टार्टअप, और एसएमई के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बुलेट ट्रेन और भारत का हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट
भारत और जापान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में सहयोग कर रहे हैं, जिसकी आधारशिला सितंबर 2017 में पीएम मोदी और तत्कालीन जापानी पीएम शिंजो आबे ने रखी थी। इस प्रोजेक्ट में जापान 80% फंडिंग सॉफ्ट लोन के माध्यम से कर रहा है। प्रोजेक्ट का पहला खंड 2027 तक और पूरा 508 किमी का रूट 2028 तक चालू होने की उम्मीद है, जो यात्रा समय को केवल दो घंटे सात मिनट तक कम कर देगा।
इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अगली पीढ़ी की E10 शिंकनसेन बुलेट ट्रेन को भारत में निर्मित करने की साझेदारी की घोषणा की। E10, जो 320 किमी/घंटा की गति से चलती है और भूकंप-प्रतिरोधी प्रणालियों के साथ डिज़ाइन की गई है, 2030 में सेवा में आएगी और इसमें 400 किमी/घंटा तक की गति की संभावना है।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
पहलगाम में हाल के आतंकी हमले की जापान ने कड़ी निंदा की, जिसमें निर्दोष भारतीय पर्यटकों की हत्या की गई थी। पीएम मोदी और पीएम इशिबा ने संयुक्त बयान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की।
टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री और सेमीकंडक्टर सहयोग
पीएम मोदी ने सेंदाई में टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा किया, जो सेमीकंडक्टर उत्पादन में एक महत्वपूर्ण कदम है। मियागी प्रीफेक्चर में स्थित यह सुविधा ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन (PSMC) और SBI होल्डिंग्स के साथ साझेदारी में जापान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (JSMC) द्वारा विकसित की जा रही है। यह जापान की चिप-निर्माण उद्योग को पुनर्जनन देने की सबसे बड़ी पहलों में से एक है।
चीन यात्रा और SCO शिखर सम्मेलन
जापान यात्रा के बाद, पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह उनकी सात साल में पहली चीन यात्रा होगी। इस दौरान वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत SCO का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है, और वह क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी की जापान यात्रा ने भारत-जापान संबंधों को नईऊंचाइयों पर पहुंचाया है। बुलेट ट्रेन की सवारी,भारतीय रेल चालकों का प्रशिक्षण, और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग ने दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक साझेदारी को मजबूत किया है। अगले दस वर्षों में 10 ट्रिलियन येन के निवेश और साझा रोडमैप के साथ, भारत और जापान वैश्विक शांति,स्थिरता, और सततविकास के लिए एक नया सुनहरा अध्याय शुरू कर रहे हैं। PM Modi Japan Visit
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।