सूर्य ग्रहण 2025: 122 साल बाद पितृपक्ष और नवरात्रि का दुर्लभ संयोग, इन राशियों को लाभ, इन्हें बरतनी होगी सावधानी
Sura Grahan ka Rashiyo par Prabhav | 21 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम सूर्यग्रहण लगेगा, जो एक आंशिक ग्रहण होगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल लागू नहीं होगा। ग्रहण रात 10:59 बजे शुरू होकर 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। यह घटना ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगी, जहां सूर्य 85% तक ढका नजर आएगा। सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा, जो नई शुरुआत और परिवर्तनों का संकेत देता है। Sura Grahan ka Rashiyo par Prabhav
122 साल बाद का दुर्लभ संयोग: पितृपक्ष, ग्रहण और नवरात्रि
इस सूर्यग्रहण का संयोग बेहद दुर्लभ है – 122 साल बाद ऐसा हो रहा है जब पितृपक्ष की शुरुआत चंद्रग्रहण (7 सितंबर) से हुई और समापन सूर्यग्रहण पर हो रहा है। यह ग्रहण पितृपक्ष के अंतिम दिन, यानी सर्वपितृ अमावस्या पर पड़ रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन दोपहर 1:27 से 3:53 बजे तक तर्पण और श्राद्ध का शुभ मुहूर्त है, जो पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करेगा। इसके ठीक अगले दिन, 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है। सुबह 6:00 से 8:00 बजे के बीच कलश स्थापना का शुभ समय है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नवरात्रि की पूजा से कम हो जाएगा, लेकिन घर की सफाई, गंगाजल छिड़काव और पूजा स्थल को पवित्र बनाना जरूरी है।
राशियों पर सूर्यग्रहण का प्रभाव: लाभ और सावधानियां
सूर्यग्रहण का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा, खासकर सूर्य-शनि के समसप्तक योग के कारण। कन्या राशि में लगने से कुछ राशियों को चुनौतियां मिलेंगी, जबकि अन्य को अवसर। यहां ज्योतिषाचार्यों की भविष्यवाणी के आधार पर मुख्य प्रभाव:
| राशि | लाभ/सकारात्मक प्रभाव | सावधानियां/नकारात्मक प्रभाव |
|---|---|---|
| मेष | नई शुरुआत के अवसर, आत्मविश्वास बढ़ेगा। | स्वास्थ्य समस्याएं, साढ़ेसाती का प्रभाव बढ़ सकता है; तनाव से बचें। |
| वृषभ | आर्थिक स्थिरता, मान-सम्मान में वृद्धि। | कोई विशेष सावधानी नहीं; सकारात्मक रहें। |
| मिथुन | मानसिक शांति, रिश्तों में सुधार। | चिंता और निर्णय लेने में कठिनाई; ध्यान केंद्रित रखें। |
| कर्क | पारिवारिक सुख, धन लाभ की संभावना। | पिता से संबंधों में तनाव; बहस से बचें। |
| सिंह | आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा बढ़ेगी, निवेश से लाभ। | करियर में दिक्कतें, कार्यस्थल पर बुरा व्यवहार; पिता से विवाद न करें। |
| कन्या | स्वास्थ्य सुधार, सम्मान में वृद्धि। | धन हानि की संभावना, ग्रहण सीधे राशि में लगने से चुनौतियां; खर्च नियंत्रित रखें। |
| तुला | रिश्तों में मधुरता, नई योजनाओं में सफलता। | अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं; बजट बनाएं। |
| वृश्चिक | वित्तीय अवसर, व्यापार में लाभ। | कुछ चुनौतियां, जैसे कानूनी मुद्दे; सतर्क रहें। |
| धनु | यात्रा और शिक्षा में सफलता। | स्वास्थ्य पर ध्यान दें; जल्दबाजी न करें। |
| मकर | करियर में प्रगति, पार्टनरशिप मजबूत। | पारिवारिक विवाद संभव; संवाद बढ़ाएं। |
| कुंभ | रचनात्मकता बढ़ेगी, नए दोस्त बनेंगे। | मानसिक अशांति; ध्यान या योग करें। |
| मीन | आध्यात्मिक उन्नति, स्वास्थ्य लाभ। | वित्तीय निर्णय सावधानी से लें; जोखिम न उठाएं। |
धार्मिक मान्यताएं, उपाय और सावधानियां
धार्मिक रूप से सूर्यग्रहण राहु-केतु की छाया माना जाता है, जो परिवर्तन लाता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए – ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करें। ग्रहण के बाद स्नान, शुद्धिकरण और दान-पुण्य शुभ है। उपाय:
- सूर्य गायत्री मंत्र (‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’) का 108 बार जाप।
- दान: गेहूं, तांबा, गुड़, मसूर दाल या धन। राशि अनुसार दान से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी।
- नवरात्रि से पहले घर साफ करें, गंगाजल छिड़कें।
यह संयोग संकट का नहीं, बल्किसौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। ज्योतिषीसलाह देते हैं कि सकारात्मकरहें और पूजा पर ध्यान दें। Sura Grahan ka Rashiyo par Prabhav
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