मध्य प्रदेश में मानसून की वापसी के बीच तेज बारिश का अलर्ट
अगले 3 दिन इंदौर-जबलपुर में भारी बारिश, टीकमगढ़ में आज सुबह बरसे बादल
MP Mansoon Update | मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है, लेकिन अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर और जबलपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना है, जबकि भोपाल में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। शनिवार (27 सितंबर 2025) को टीकमगढ़ में सुबह से घने बादलों के साथ बारिश शुरू हो गई। इसके अलावा, तवा डैम के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके चलते शनिवार सुबह डैम का एक गेट 5 फीट की ऊंचाई तक खोला गया। MP Mansoon Update
अगले 3 दिन बारिश की स्थिति
मौसम विभाग ने इंदौर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी है। प्रभावित होने वाले जिले हैं:
-
इंदौर संभाग: धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर
-
जबलपुर संभाग: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट
-
भोपाल: हल्की बूंदाबांदी की संभावना
प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से एक टर्फ रेखा गुजर रही है, जिसके साथ निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) की सक्रियता बढ़ने से बारिश का दौर तेज होगा। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है। हालांकि, इस दौरान कुछ जिलों से मानसून की वापसी भी शुरू हो जाएगी।
टीकमगढ़ और तवा डैम की स्थिति
शनिवार सुबह टीकमगढ़ में मौसम बदल गया और घने बादलों के साथ बारिश शुरू हुई। तवा डैम के कैचमेंट एरिया, खासकर पचमढ़ी और ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण डैम में पानी की आवक बढ़ रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शनिवार सुबह 6 बजे तवा डैम का एक गेट 5 फीट की ऊंचाई तक खोला गया। शुक्रवार रात को भी इटारसी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई।
मानसून की वापसी और बारिश का रिकॉर्ड
इस साल मध्य प्रदेश में मानसून ने 16 जून को दस्तक दी थी, जो सामान्य से एक दिन देरी से था। सामान्यतः 30 सितंबर तक मानसून की विदाई शुरू होती है, लेकिन इस बार 6 दिन पहले ही कुछ जिलों से मानसून लौट गया। 6 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की वापसी की उम्मीद है।
अब तक की बारिश
-
कुल बारिश: 16 जून से अब तक प्रदेश में औसत 44.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 37 इंच से 7.2 इंच अधिक है। यह 119% बारिश का आंकड़ा दर्शाता है।
-
शीर्ष जिले:
-
गुना: 65.39 इंच (सामान्य से 28.70 इंच अधिक)
-
रायसेन: 61.12 इंच (18.75 इंच अधिक)
-
मंडला: 61.18 इंच (14.51 इंच अधिक)
-
श्योपुर: 56.60 इंच (30.43 इंच अधिक)
-
अशोकनगर: 55.92 इंच (22.49 इंच अधिक)
-
-
सबसे कम बारिश:
-
खरगोन: 27.59 इंच (0.19 इंच कम)
-
शाजापुर: 28.65 इंच (6.67 इंच कम)
-
खंडवा: 30.01 इंच (0.61 इंच कम)
-
बड़वानी: 31.31 इंच (5.47 इंच अधिक)
-
धार: 32.88 इंच (1.18 इंच अधिक)
-
प्रमुख शहरों में बारिश
|
जिला |
अब तक हुई (इंच) |
सामान्य (इंच) |
कम/ज्यादा (इंच) |
|---|---|---|---|
|
भोपाल |
42.15 | 37.34 |
4.81 ज्यादा |
|
इंदौर |
35.81 | 33.76 |
2.06 ज्यादा |
|
जबलपुर |
45.08 | 44.07 |
1.00 ज्यादा |
|
ग्वालियर |
46.65 | 28.21 |
18.44 ज्यादा |
|
उज्जैन |
33.13 | 34.55 |
1.43 कम |
स्रोत: मौसम विभाग, 26 सितंबर 2025 तक
इंदौर और उज्जैन की स्थिति
इस मानसून सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरुआत में बारिश कम रही। इंदौर में एक समय सबसे कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन सितंबर में तेज बारिश ने कोटा पूरा कर लिया। हालांकि, बड़वानी, खरगोन और खंडवा में स्थिति अभी भी कमजोर है। उज्जैन में सामान्य बारिश (34.81 इंच) का कोटा पूरा नहीं हुआ।
ग्वालियर-चंबल और अन्य संभागों में बारिश
ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों में मानसून ने जमकर बारिश की। ग्वालियर-चंबल के सभी 8 जिलों (ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर) में सामान्य से अधिक बारिश हुई। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया में बाढ़ जैसे हालात बने।
प्रमुख शहरों का ऐतिहासिक बारिश रिकॉर्ड
-
भोपाल:
-
सामान्य सितंबर बारिश: 7 इंच
-
पिछले 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश
-
रिकॉर्ड: 1961 में 30 इंच (सितंबर), 2 सितंबर 1947 को 9.2 इंच (24 घंटे)
-
-
इंदौर:
-
सितंबर रिकॉर्ड: 1954 में 30 इंच
-
20 सितंबर 1987 को 6.75 इंच (24 घंटे)
-
इस बार सितंबर में 15+ दिन बारिश संभव
-
-
ग्वालियर:
-
सितंबर 1990 में 25.5 इंच
-
7 सितंबर 1988 को 12.5 इंच (24 घंटे)
-
पिछले 3 साल से सामान्य से अधिक बारिश
-
-
जबलपुर:
-
सितंबर 1926 में 32 इंच
-
20 सितंबर 1926 को 8.5 इंच (24 घंटे)
-
सामान्य सितंबर बारिश: 8.5 इंच
-
-
उज्जैन:
-
1961 में 43 इंच (सितंबर)
-
27 सितंबर 1961 को 5.5 इंच (24 घंटे)
-
पिछले 2 साल से 12 इंच से ज्यादा बारिश
-
अगले 2 दिन का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में टर्फ और निम्न दाब क्षेत्र के कारण इंदौर और जबलपुर संभाग में तेज बारिश होगी। भोपाल में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है। मानसून की वापसी के साथ कुछ जिलों में बारिश का दौर कमजोर हो सकता है।
नोट: मौसम की जानकारी और सावधानियां बरतें। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अलर्ट रहें। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय मौसम विभाग से संपर्क करें। MP Mansoon Update
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









