देवउठनी एकादशी आज: 2025 और 2026 में शादियों के शुभ मुहूर्तों की पूरी जानकारी, जानें कब-कब हैं विवाह के योग

देवउठनी एकादशी आज: 2025 और 2026 में शादियों के शुभ मुहूर्तों, जानें कब-कब हैं विवाह के योग

Vivah Muhurt Tithi in 2025-2026 | आज 1 नवंबर 2025 को पूरे भारतवर्ष में देवउठनी एकादशी (देवउठनी ग्यारस) का पावन पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। हिंदू मान्यताओं में यह दिन विवाह सीजन की शुरुआत का प्रतीक है, क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागृत होते हैं और तुलसी-शालिग्राम विवाह संपन्न होता है। इस शुभ अवसर पर बिना मुहूर्त देखे भी शादियां की जाती हैं। आइए, जानते हैं इस साल 2025 के शेष महीनों में शादियों के कितने शुभ मुहूर्त हैं और 2026 में कुल कितने दिन विवाह के योग बनेंगे।

देवउठनी एकादशी की मान्यता और पूजा विधि

पुराणों के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होकर चार महीने तक भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन रहते हैं। आज देवउठनी एकादशी पर शंखनाद से उन्हें जगाया जाता है, जिससे शुभ कार्यों का मार्ग प्रशस्त होता है। दिन भर मां तुलसी की पूजा की जाती है, और शाम को तुलसी-शालिग्राम विवाह रस्म निभाई जाती है। घर-घर दीपक जलाए जाते हैं, मंदिर सजाए जाते हैं, और यह पर्व दीवाली की भांति उत्साहपूर्ण होता है। यह दिन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे विवाह सीजन की शुरुआत हो जाती है।

2025 में शादियों के शुभ मुहूर्त: नवंबर से दिसंबर तक

देवउठनी एकादशी के पावन प्रभाव से आज (1 नवंबर) ही पूरा दिन शुभ माना जाता है, लेकिन मुख्य विवाह सीजन 2 नवंबर से शुरू होगा। इस साल दिसंबर में मुहूर्त सीमित हैं, क्योंकि शुक्र ग्रह अस्त हो जाएगा। सामान्यतः दिसंबर में 15 दिसंबर तक मुहूर्त रहते हैं, लेकिन 2025 में केवल तीन दिन ही शुभ रहेंगे।

  • नवंबर 2025: कुल 14 शुभ मुहूर्त। (2, 3, 6, 8, 12, 13, 16, 17, 20, 21, 23, 24, 27, 30 नवंबर)
  • दिसंबर 2025: कुल 3 शुभ मुहूर्त। (4, 5, 6 दिसंबर) – यह सीजन का अंतिम मुहूर्त होगा।

इस प्रकार, 2025 के शेष सीजन में कुल 17 दिन विवाह के लिए शुभ हैं। यदि आपकी शादी की योजना है, तो जल्दी बुकिंग कराएं, क्योंकि ये तिथियां जल्द भर जाती हैं।

2026 में शादियों के शुभ मुहूर्त: कुल 59 दिन, जनवरी में कोई नहीं

2026 हिंदू पंचांग के अनुसार विवाह के लिए कुल 59 शुभ मुहूर्त लेकर आ रहा है। खास बात यह है कि जनवरी में धनुर्मास के कारण (15 जनवरी तक) एक भी मुहूर्त नहीं है, लेकिन 23 जनवरी को बसंत पंचमी का उत्सव शुभ माना जाता है। कई परंपराओं में बसंत पंचमी को विवाह का प्रमुख मुहूर्त गिना जाता है, क्योंकि यह वसंत ऋतु की शुरुआत और सरस्वती पूजा का दिन है।

  • पहला मुहूर्त: 5 फरवरी 2026 (गुरुवार)
  • अंतिम मुहूर्त: 6 दिसंबर 2026
  • मासिक विवरण:
    • फरवरी: 12 शुभ मुहूर्त
    • मार्च: 8 शुभ मुहूर्त
    • अप्रैल: 8 शुभ मुहूर्त
    • मई: 8 शुभ मुहूर्त
    • (जून से अक्टूबर तक चातुर्मास के कारण कोई मुहूर्त नहीं)
    • नवंबर-दिसंबर: शेष मुहूर्त

यह वर्ष विवाह के इच्छुक जोड़ों के लिए भरपूर अवसर प्रदान करेगा, खासकर वसंत और ग्रीष्म ऋतु में।

मुहूर्त का चयन कैसे करें?

ये मुहूर्त सामान्य पंचांग पर आधारित हैं, लेकिन व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ज्योतिषी से परामर्श लें। शुभ मुहूर्त में विवाह करने से दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। इस पावन सीजन में सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! यदि कोई विशिष्ट तिथि की जानकारी चाहिए, तो बताएं


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