सॉफ्ट स्किन के लिए रोज साबुन जरूरी? सिर्फ पानी से नहाने के फायदे और सच जानें
Stop Using Soap Daily | सेहतमंद रहने के लिए नहाना तो जरूरी है, लेकिन क्या रोजाना साबुन लगाना अनिवार्य है? एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ज्यादातर लोगों को रोज साबुन की जरूरत नहीं। साबुन स्किन के नेचुरल ऑयल छीन लेता है, जिससे त्वचा ड्राई और खुजलीदार हो जाती है। पारंपरिक उबटन जैसे विकल्प बिना नुकसान के सफाई करते हैं, जबकि ऑर्गेनिक साबुन भी अच्छा ऑप्शन है।
हेल्दी लाइफस्टाइल में खानपान और एक्सरसाइज के साथ हाइजीन का ध्यान रखना उतना ही महत्वपूर्ण है। शरीर की सफाई कीटाणुओं से बचाती है और बीमारियों को दूर रखती है। पर्सनल हाइजीन में नहाना टॉप पर है। कई लोग मानते हैं कि साबुन या बॉडी वॉश के बिना नहाना अधूरा है।
वह साबुन की जगह सादा पानी, गुलाब जल या बेसन उबटन इस्तेमाल करती हैं। तो आइए जानते हैं, साबुन सच में जरूरी है या बिना इसके भी स्किन हेल्दी रह सकती है?
रोजाना साबुन की जरूरत क्यों नहीं?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अधिकांश लोगों को डेली साबुन की जरूरत नहीं पड़ती। 2024 के एक स्टडी में पाया गया कि सिर्फ पानी से नहाने वालों और क्लींजर यूज करने वालों की स्किन में कोई फर्क नहीं।
हालांकि, अगर आपका पसीना ज्यादा आता है, बाहर काम करते हैं या पॉल्यूटेड शहर में रहते हैं, तो पानी अकेला काफी नहीं। बगल, कमर, सिर और पैर जैसे एरिया में दुर्गंध, मुंहासे या इंफेक्शन से बचने के लिए साबुन मददगार होता है।
बिना साबुन नहाने के फायदे
डेली साबुन स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर सेंसिटिव या एक्जिमा वाली त्वचा को। स्किन खुद नेचुरल ऑयल और लिपिड प्रोड्यूस करती है, जो इसे हाइड्रेटेड और फ्लेक्सिबल रखते हैं। साबुन ये ऑयल हटा देता है, जिससे ड्राईनेस, फ्लेकी स्किन या खुजली होती है। ज्यादा यूज से स्किन माइक्रोबायोम (अच्छे बैक्टीरिया-फंगस का बैलेंस) बिगड़ जाता है।
सिर्फ पानी से नहाने पर ये नेचुरल लिपिड बने रहते हैं, इसलिए स्किन सॉफ्ट, स्मूद और कम ड्राई फील होती है।
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पारंपरिक विकल्प क्यों बेहतर?
नेचुरल ऑयल बचाते हुए सफाई का तरीका चाहिए? पारंपरिक उबटन जवाब है! पिसी दालें, आटा और हल्दी से बना उबटन नैचुरल एक्सफोलिएटर है, जो गंदगी-पसीना हटाता है बिना स्किन को डैमेज किए।
साबुन पूरी तरह छोड़ना मुश्किल लगे तो ऑर्गेनिक साबुन या pH-बैलेंस्ड क्लींजर ट्राई करें। ये स्किन को हेल्दी रखते हुए सफाई देते हैं।
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










