आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल को ‘अच्छा इंसान’ मानते हैं ग्रामीण, क्या कहते हैं मुस्लिम बहुल गांव के लोग?
दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में फंसे कश्मीरी डॉक्टर का ठिकाना, स्थानीयों का इनकार: ‘आतंक का मजहब से कोई लेना-देना नहीं’
Kashmiri doctor Delhi blast plot villagers defend | हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज गांव में हाल ही में पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जिसमें कश्मीरी मूल के डॉक्टर मुजम्मिल शकील को मुख्य आरोपी बनाया गया है। 2900 किलोग्राम विस्फोटक के साथ गिरफ्तार इस डॉक्टर को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बताया जा रहा है। लेकिन गांव के ज्यादातर मुस्लिम निवासियों का कहना है कि वे मुजम्मिल को आतंकी मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने उसे एक नेक और धार्मिक इंसान के रूप में याद किया, जो पांच वक्त का नमाजी था।
ग्राउंड रिपोर्ट में पहुंचे पत्रकारों ने गांव वालों से बातचीत की, जहां साफ झलका कि मुजम्मिल के परिवार और पड़ोसियों के बीच अब भी अविश्वास का माहौल है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “डॉक्टर साहब बहुत अच्छे इंसान थे। वे हमेशा मस्जिद जाते थे और गरीबों का इलाज मुफ्त करते थे। आतंकवाद का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है। शायद यह कोई गलतफहमी हो।” गांव की आबादी में मुस्लिम बहुमत होने के बावजूद, कई लोगों ने साफ लफ्जों में कहा कि “मजहब के नाम पर बदनामी नहीं होने देंगे।”
पुलिस के मुताबिक, मुजम्मिल शकील ने दिल्ली के लाल किले सहित चार प्रमुख स्थानों पर धमाकों की साजिश रची थी। उसके पास से बरामद विस्फोटकों का इस्तेमाल दिल्ली में बड़े हमले के लिए किया जाना था। मुजम्मिल पर दिल्ली कार ब्लास्ट और रेड फोर्ट ब्लास्ट की योजना बनाने का आरोप है। वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद यहां बस गया था। यूनिवर्सिटी को आतंकी डॉक्टरों का अड्डा बताया जा रहा है, जहां से अन्य संदिग्धों जैसे डॉक्टर अदील और उमर के नाम भी सामने आए हैं।

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उत्तर प्रदेश क्राइम ब्रांच की टीम भी इस मामले की जांच के लिए यूनिवर्सिटी पहुंच चुकी है। फरीदाबाद पुलिस के सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें मुजम्मिल की तस्वीरें शेयर की गईं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक और डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी है, जिसका नाम उमर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर काम कर रहा था।
इस घटना ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव वाले जहां मुजम्मिल को निर्दोष मान रहे हैं, वहीं जांच एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। फरीदाबाद के एसएसपी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सुरक्षा है। कोई भी संदिग्ध बख्शा नहीं जाएगा।”
यह मामला दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते आतंकी खतरे की ओर इशारा करता है। केंद्र सरकार ने इस दिशा में कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है, जिसमें सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाना शामिल है। फिलहाल, मुजम्मिल को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है, और पुलिस को एक और बड़े खुलासे की उम्मीद है।
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