श्रीनगर नौगाम ब्लास्ट: फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के विस्फोटकों से ‘लापरवाही’ में धमाका, 9 की मौत-29 घायल
Srinagar Nowgam Blast News | जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात (14 नवंबर) करीब 11:20 बजे एक भयावह विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब घटा जब पुलिसकर्मी और फोरेंसिक टीम फरीदाबाद से जब्त 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटकों के सैंपल ले रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, यह ‘लापरवाही से हुआ दुर्घटनाग्रस्त विस्फोट’ है, लेकिन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े PAFF संगठन ने जिम्मेदारी ली है, जिसकी पुष्टि जारी है। यह घटना दिल्ली के रेड फोर्ट कार ब्लास्ट (10 नवंबर, 13 मरे) से जुड़े ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ की जांच के दौरान हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी।
नौगाम में धमाका कैसे हुआ? लाल किले जैसा भयावह मंजर
रात के सन्नाटे में अचानक हुए धमाके की गूंज 30 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। CCTV फुटेज में दिखा कि विस्फोटक सामग्री के सैंपल लेते समय अचानक चिंगारी लगी, जिससे आग लग गई और इमारत ध्वस्त हो गई। मलबा 300 मीटर दूर तक बिखरा, वाहन जल उठे, और मांस के टुकड़े इधर-उधर बिखरे मिले—ठीक वैसा ही दृश्य जैसा दिल्ली के लाल किले कार ब्लास्ट में दिखा था। मृतकों में SIA इंस्पेक्टर शाह असरार, नायब तहसीलदार मुजफ्फर अहमद, फोरेंसिक अधिकारी और दो फोटोग्राफर शामिल हैं। घायलों को श्रीनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
J&K DGP नलिन प्रभात ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच के आदेश दिए। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया, खोजी कुत्तों के साथ मलबे की तलाशी ली जा रही है।
दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट से कनेक्शन: अमोनियम नाइट्रेट का ‘डर’
यह विस्फोटक सामग्री उसी टेरर मॉड्यूल से जब्त की गई थी, जिसका खुलासा नौगाम पुलिस ने अक्टूबर में किया। मॉड्यूल में पढ़े-लिखे ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी—जैसे डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई और शाहीन सईद—शामिल थे, जो JeM के लिए पोस्टर चिपकाते और IED बनाते थे। फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुए, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट प्रमुख था—यही रसायन दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ था।
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10 नवंबर को लाल किले के पास उमर नबी की कार में अमोनियम नाइट्रेट से ब्लास्ट हुआ, जिसमें 13 मारे गए। अब सवाल उठ रहे हैं: क्या यह ‘दुर्घटना’ है या मॉड्यूल के बचे सदस्यों की साजिश? PAFF ने दावा किया है, लेकिन पुलिस इसे ‘लापरवाही’ बता रही।
नौगाम पुलिस की भूमिका: टेरर मॉड्यूल का पहला सुराग
नौगाम थाना ही था जिसने 19 अक्टूबर को बुनपोरा इलाके में JeM पोस्टर देखकर जांच शुरू की। इससे फरीदाबाद-सहारनपुर तक नेटवर्क फूटा, 4 डॉक्टर गिरफ्तार हुए। लेकिन अब इस हादसे से जांच प्रभावित हो सकती है। X पर यूजर्स दुख व्यक्त कर रहे, कुछ इसे ‘फॉल्स फ्लैग’ बता रहे।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मीडिया स्रोतों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। जांच जारी है, PAFF दावे की पुष्टि बाकी।
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










