राशन कार्ड से करोड़ों नाम कटे: कहीं आपका नाम भी लिस्ट से गायब तो नहीं? ऐसे चेक करें स्टेटस
Government removes names in Ration card | भारत सरकार की मुफ्त राशन योजना (NFSA) के तहत लाखों जरूरतमंद परिवारों को सस्ता अनाज मिलता है, लेकिन हाल ही में बड़े पैमाने पर ‘क्लीन-अप’ अभियान चला। पिछले कुछ महीनों में 2.25 करोड़ अपात्र नाम हटा दिए गए हैं—मृतकों के नाम, अमीर परिवारों या निष्क्रिय कार्डधारकों के। क्या आपका नाम भी प्रभावित हुआ? चिंता न करें, nfsa.gov.in पर आसानी से चेक कर सकते हैं। आइए जानें पूरी डिटेल्स और स्टेप-बाय-स्टेप गाइड।
क्यों हो रही है यह कार्रवाई? NFSA के नियम क्या कहते हैं?
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013: गरीब परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मुफ्त या सब्सिडी पर। राशन कार्ड ही पहचान पत्र है।
- समस्या का खुलासा: जांच में पाया गया कि मृत लोगों के नाम पर सालों राशन लिया जा रहा था। कई परिवारों ने सिर्फ सरकारी लाभ के लिए कार्ड बनवाए, लेकिन 6 महीने से अनाज नहीं उठाया।
- सरकार का स्टैंड: उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, फायदा केवल असली जरूरतमंदों तक पहुंचे। अपात्रों को PDS (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) से बाहर किया जा रहा। हर राज्य में वेरिफिकेशन तेज—e-KYC अनिवार्य।
- प्रभावित संख्या: 2.25 करोड़ नाम हटे, लेकिन करोड़ों वैध कार्ड अब भी सक्रिय।
कहीं आपका नाम कटा तो नहीं? आसान चेक प्रोसेस
अगर आपको शक है, तो ऑनलाइन वेरिफाई करें। प्रक्रिया 5 मिनट की है और मुफ्त:
- वेबसाइट पर जाएं: nfsa.gov.in खोलें।
- राशन कार्ड सेक्शन चुनें: होमपेज पर ‘Ration Card’ ऑप्शन पर क्लिक करें।
- स्टेट पोर्टल लिंक: ‘Ration Card Details On State Portals’ पर जाएं।
- डिटेल्स भरें:
- अपना राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार) चुनें।
- जिला, ब्लॉक/तहसील, और ग्राम पंचायत/वार्ड सिलेक्ट करें।
- राशन दुकान का नाम और कार्ड टाइप (APL/BPL/AAY) चुनें।
- लिस्ट चेक करें: स्क्रीन पर लाभार्थियों की सूची खुलेगी। अपना नाम, परिवार के सदस्यों का नाम सर्च करें।
- नाम मिला? कार्ड एक्टिव—राशन ले सकते हैं।
- नाम नहीं? कार्ड डीएक्टिवेट हो चुका। तुरंत स्थानीय PDS ऑफिस या ई-मित्र/CSC सेंटर पर अपील करें।
टिप: मोबाइल ऐप ‘NFSA Portal’ या राज्य के PDS ऐप (जैसे UP Ration Card ऐप) से भी चेक करें। SMS सर्विस: ‘RCARD <14-digit number> <State Code>’ 9212-350-350 पर भेजें।
e-KYC क्यों जरूरी? न करें इग्नोर
- नया नियम: 2023 से e-KYC अनिवार्य। आधार, मोबाइल, या बायोमेट्रिक से वेरिफाई करें।
- कैसे करें? नजदीकी राशन दुकान, E-Mitra, या ऑनलाइन nfsa.gov.in पर। अपडेट न होने पर कार्ड सबसे पहले कैंसल।
- फायदा: फर्जीवाड़ा रुकेगा, और आपका लाभ सुरक्षित रहेगा।
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राज्यवार अपडेट: कहां कितने नाम हटे?
| राज्य | हटाए गए नाम (लगभग) | विशेष नोट्स |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 50 लाख+ | e-KYC कैंप चल रहे |
| बिहार | 30 लाख+ | मृतक नामों पर फोकस |
| महाराष्ट्र | 25 लाख+ | अमीर परिवारों की जांच |
| राजस्थान | 20 लाख+ | निष्क्रिय कार्ड टारगेट |
| अन्य राज्य | 1 करोड़+ | पूरे देश में वेरिफिकेशन |
सलाह: अगर नाम हटा है, तो 30 दिनों में अपील करें। दस्तावेज (आधार, आय प्रमाण) साथ रखें। NFSA हेल्पलाइन: 1967 पर कॉल करें।
नोट: यह जानकारी NFSA पोर्टल और सरकारी दिशानिर्देशों पर आधारित है। व्यक्तिगत मामलों के लिए स्थानीय PDS अधिकारी से संपर्क करें। जागरूक रहें, अपना हक पाएं!
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










