दिग्विजय का हिडमा एनकाउंटर पर बयान, सीएम यादव का जवाब: ‘शहीदों को भूले, नक्सलियों के लिए आंसू बहा रहे’
Digvijay Singh Hidma encounter controversy CM Yadav response | 25 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के खूंखार नक्सली कमांडर माडवी हिडमा की मुठभेड़ में मौत के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इसे ‘एनकाउंटर नहीं, हत्या’ बताते हुए सवाल उठाए, जिस पर बीजेपी और सीएम मोहन यादव ने उन्हें ‘देशद्रोही’ ठहराया। दिग्विजय ने आदिवासी अधिकारों की बात की, लेकिन बीजेपी ने इसे नक्सल समर्थन बताया।
दिग्विजय सिंह का बयान
दो दिन पहले एक्स पर दिग्विजय ने बस्तर की आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोढ़ी का वीडियो शेयर किया। वीडियो में सोढ़ी दावा करती हैं कि हिडमा की मौत फर्जी मुठभेड़ में नहीं, बल्कि पकड़कर हत्या की गई। दिग्विजय ने लिखा कि नक्सलियों को खत्म करने के बजाय आत्मसमर्पण और मुख्यधारा में लाने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने PESA कानून लागू करने, आदिवासियों को जमीन-खनिजों में हिस्सेदारी और SIR दस्तावेजों से मतदाता सूची हटने की आशंका पर चिंता जताई। दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि वे नक्सल हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन मूल मुद्दा आदिवासी अधिकार है।
सीएम मोहन यादव का पलटवार
सीएम यादव ने तीखा हमला बोला: “दिग्विजय ने मध्य प्रदेश के शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा (नरसिंहपुर) के परिवार के लिए एक शब्द नहीं कहा, लेकिन हिडमा जैसे नक्सली के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।” उन्होंने दिग्विजय की ‘देश विरोधी मानसिकता’ पर सवाल उठाए।
बीजेपी नेताओं ने भी हल्ला बोला। मंत्री विश्वास सारंग बोले, “दिग्विजय हमेशा नक्सलियों-आतंकियों के साथ खड़े रहते हैं।” विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा, “हिडमा पर सवाल, लेकिन शहीद शर्मा के लिए संवेदना तक नहीं।”
सोनी सोढ़ी कौन हैं?
सोनी सोढ़ी बस्तर की सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो माओवादी प्रभावित इलाकों में आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ती हैं। वीडियो में उन्होंने पुलिस की टाइमलाइन पर सवाल उठाए, माओवादियों के मौजूदगी पर आदिवासियों के बयानों में विरोधाभास बताया। सोढ़ी न्यायिक जांच की मांग कर रही हैं और इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बता रही हैं।
(व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://whatsapp.com/channel/0029ValRqro5K3zMVUrxrl28
हिडमा एनकाउंटर की पूरी कहानी
18 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले (छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा से सटा) में खुफिया इनपुट पर ऑपरेशन चला। मुठभेड़ में हिडमा, उसकी पत्नी राजे (राजक्का) और चार अन्य माओवादी मारे गए। हिडमा पर कई बड़े नक्सली हमलों का आरोप था। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी जीत मान रही हैं।
यह विवाद एमपी-छत्तीसगढ़ की राजनीति में नक्सल मुद्दे को फिर गरमा सकता है। दिग्विजय के बयान पर कांग्रेस ने समर्थन दिया, लेकिन बीजेपी इसे ‘नक्सल प्यार’ बता रही है।
यह भी पढ़ें…
भावांतर योजना से 253 करोड़ का मेगा तोहफा, 1.52 लाख खातों में बुधवार को सीएम करेंगे ट्रांसफर
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










