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प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को बड़ी राहत: सरकार की अनुमति बिना छंटनी पर रोक, नई श्रम संहिताओं से मजदूरों के हित सुरक्षित

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प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को बड़ी राहत: सरकार की अनुमति बिना छंटनी पर रोक, नई श्रम संहिताओं से मजदूरों के हित सुरक्षित

India New Labour Codes 2025 Layoff Rules | 3 दिसंबर 2025 निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब कंपनियां सरकारी अनुमति के बिना कर्मचारियों की छंटनी या कारखाना बंद नहीं कर सकेंगी। यह फैसला श्रमिकों की नौकरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और अचानक बेरोजगारी के डर को कम करेगा। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने रविवार को लोकभवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 29 पुराने श्रम अधिनियमों को एकीकृत कर चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जो 21 नवंबर से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी हैं।

श्रम संहिताओं का एकीकरण: सरलीकरण और मजबूती

मंत्री ने कहा कि पहले 1,228 धाराओं, 1,436 नियमों, 84 रजिस्टरों और 31 रिटर्न की जटिल व्यवस्था थी। अब इन्हें घटाकर क्रमशः 480 धाराएं, 351 नियम, 8 रजिस्टर और एकल रिटर्न कर दिया गया है। इससे ‘इंस्पेक्टर राज’ समाप्त हो गया है और ऑनलाइन निरीक्षण की सुविधा शुरू की गई है। कानून उल्लंघन पर नियोक्ता अधिकतम 50% जुर्माना देकर उपशमन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा और अनावश्यक विवादों से राहत होगी।

मजदूरी संहिता 2019: न्यूनतम वेतन और भुगतान में सुधार

  • न्यूनतम मजदूरी: संगठित और असंगठित क्षेत्रों में सभी के लिए अनिवार्य।
  • वेतन भुगतान: समय-सीमा तय, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन।
  • कटौती सीमा: वेतन से अधिकतम 50% कटौती।
  • वेज-स्लिप: सभी कर्मचारियों को अनिवार्य। ये प्रावधान श्रमिकों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेंगे।

सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020: प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मान्यता

पहली बार प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे उबर, ओला ड्राइवर) को वैधानिक परिभाषा दी गई है। उनके कल्याण के लिए विशेष कोष बनाया जाएगा। श्रमजीवी पत्रकारों की ग्रेच्युटी पात्रता अवधि 5 से घटाकर 3 वर्ष की गई। सामान्य नागरिकों को राहत देते हुए निजी आवास निर्माण सीमा 50 लाख तक बढ़ाई गई।

औद्योगिक संबंध संहिता 2020: छंटनी पर सख्ती

तीन पुराने अधिनियमों को मिलाकर बनी इस संहिता के तहत:

  • छंटनी/बंदी: 300 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में राज्य सरकार की अनुमति अनिवार्य।
  • हड़ताल/तालाबंदी: सामूहिक अवकाश को हड़ताल की श्रेणी में शामिल। 14 दिन पूर्व सूचना के बिना अवैध। ये बदलाव नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाएंगे।

उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020: व्यापक सुरक्षा

13 पुराने कानूनों को समाहित कर तैयार इस संहिता में कारखाने, बागान, खदान, पत्रकारिता, भवन निर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कार्य घंटे और कार्यस्थल की उपयुक्तता के प्रावधान हैं। सभी प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा।

मंत्री का संदेश: अनिल राजभर ने कहा कि ये संहिताएं श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए उद्योगों को सुगमता प्रदान करेंगी। कर्मचारियों को सलाह दी कि वे इन नई व्यवस्थाओं का लाभ उठाएं और नियोक्ता भी अनुपालन सुनिश्चित करें। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में मजबूत श्रम नीति का हिस्सा है।


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