अंतरिक्ष में कैसे बनते हैं ब्लैक होल? निर्माण की प्रक्रिया जानकर रह जाएंगे हैरान!
How are black holes formed in space | ब्लैक होल ब्रह्मांड की सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली संरचनाएं हैं। ये स्पेस और टाइम को भी मोड़ सकती हैं। ये सामान्य तारों से नहीं बनते, बल्कि विशाल तारों के हिंसक अंत से जन्म लेते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं ब्लैक होल बनने की चौंकाने वाली प्रक्रिया…
विशाल तारों से शुरू होती है कहानी
ब्लैक होल केवल बहुत बड़े तारों से बनते हैं, जो हमारे सूरज से कम से कम 10-20 गुना अधिक भारी होते हैं। ये तारे अपना न्यूक्लियर फ्यूजन ईंधन बहुत तेजी से जलाते हैं और जल्दी जीवन चक्र पूरा कर लेते हैं।
तारे के जीवन भर उसके कोर में न्यूक्लियर फ्यूजन से बाहर की ओर दबाव बनता रहता है, जबकि गुरुत्वाकर्षण सबकुछ अंदर खींचता है। ये दोनों बल संतुलन बनाए रखते हैं। लेकिन जब ईंधन खत्म हो जाता है, तो फ्यूजन रुक जाता है और बाहर का दबाव अचानक समाप्त हो जाता है।
गुरुत्वाकर्षण की जीत और सुपरनोवा विस्फोट
ईंधन खत्म होते ही गुरुत्वाकर्षण बिना रुकावट के तारे को अंदर की ओर कुचल देता है। कोर कुछ सेकंड के हिस्सों में ही ढह जाता है। इससे एक भयानक सुपरनोवा विस्फोट ट्रिगर होता है, जिसमें मरता हुआ तारा कुछ समय के लिए पूरी आकाशगंगा से भी ज्यादा चमकदार हो जाता है!
कोर का अंतिम पतन: सिंगुलैरिटी का जन्म
सुपरनोवा के बाद बचा हुआ कोर अगर बहुत भारी होता है (सूरज से लगभग 3 गुना या अधिक), तो न्यूट्रॉन दबाव भी इसे रोक नहीं पाता। कोर लगातार सिकुड़ता जाता है और अंत में एक सिंगुलैरिटी बन जाता है – एक ऐसा बिंदु जहां घनत्व अनंत और आयतन शून्य होता है। मूल तारे का सारा द्रव्यमान इस सूक्ष्म बिंदु में समा जाता है। यही ब्लैक होल का असली केंद्र होता है!
इवेंट होराइजन: वापसी की कोई गुंजाइश नहीं
सिंगुलैरिटी के आसपास इवेंट होराइजन नाम की अदृश्य सीमा बनती है। ये ब्लैक होल की ‘नो रिटर्न’ बॉर्डर है। एक बार कोई चीज (चाहे पदार्थ, ऊर्जा या प्रकाश) इस सीमा को पार कर गई, तो वह कभी बाहर नहीं निकल सकती। यही ब्लैक होल को इतना डरावना बनाता है!
ब्लैक होल ब्रह्मांड की सबसे हिंसक घटनाओं का परिणाम हैं, जो विशाल तारों के मृत्यु से जन्म लेते हैं। यह प्रक्रिया न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि ब्रह्मांड की शक्ति को भी दर्शाती है!
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









