---Advertisement---

तांबे का सिक्का पानी में बहाने के फायदे: ग्रह दोष दूर होंगे, धन लाभ के योग बनेंगे!

---Advertisement---

तांबे का सिक्का पानी में बहाने के फायदे: ग्रह दोष दूर होंगे, धन लाभ के योग बनेंगे!

Lal Kitab remedy copper coin in river for wealth | वैदिक ज्योतिष और लाल किताब में तांबे की धातु को सूर्य और मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है। तांबा सूर्य की ऊर्जा को ग्रहण करने वाली धातु माना जाता है, जो आत्मविश्वास, सम्मान और तेज प्रदान करती है। वहीं मंगल से जुड़कर यह साहस, शक्ति और कर्म की स्थिरता देती है। बहते जल (नदी या नहर) में तांबे का सिक्का प्रवाहित करना एक सरल लेकिन शक्तिशाली उपाय है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर ग्रह दोष शांत करता है। यह उपाय विशेष रूप से कमजोर या पीड़ित सूर्य-मंगल वाले जातकों के लिए लाभकारी होता है।

तांबे का सिक्का और ग्रहों का संबंध

  • सूर्य ग्रह से: तांबा सूर्य की किरणों को संग्रहित करने की क्षमता रखता है। सिक्का जल में प्रवाहित करने से सूर्य की ऊर्जा जल तत्व के माध्यम से संतुलित होती है, जिससे आत्मबल बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है।
  • मंगल ग्रह से: मंगल तांबे का कारक ग्रह है। यह उपाय मंगल दोष, क्रोध और संघर्षों को शांत करता है, निर्णय शक्ति मजबूत करता है।

मुख्य लाभ

  • ग्रह दोष से मुक्ति: कुंडली में सूर्य या मंगल कमजोर, अस्त या पाप प्रभाव में हों तो आत्मविश्वास की कमी, तनाव, विवाद या स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। यह उपाय इन दोषों को कम करता है, साहस और सम्मान बढ़ाता है।
  • पितृ दोष और कर्म शांति: नकारात्मक कर्म और पितृ दोष शांत होते हैं, मन स्थिर और आत्मा हल्की महसूस होती है।
  • आर्थिक लाभ: सूर्य-मंगल धन अर्जन और कार्यक्षमता से जुड़े हैं। उपाय से आर्थिक स्थिति सुधारती है, धन योग बनते हैं।
  • स्वास्थ्य लाभ: क्रोध, थकान, निर्णय अस्थिरता दूर होती है। शरीर में ऊर्जा प्रवाह मजबूत होता है।

लाल किताब में यह उपाय सूर्य को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से बताया गया है, जो जीवन में सफलता, नौकरी और सम्मान दिलाता है।

उपाय कैसे करें?

  • शुभ दिन: रविवार (सूर्य के लिए) या मंगलवार (मंगल के लिए) सबसे उत्तम।
  • विधि:
    1. सूर्योदय के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
    2. शुद्ध तांबे का सिक्का (पुराना या नया) लें।
    3. दाहिने हाथ में लेकर मंत्र जपें: “ॐ सूर्याय नमः” (सूर्य के लिए) या “ॐ अंगारकाय नमः” (मंगल के लिए)।
    4. बहते जल (नदी, नहर या स्वच्छ धारा) में प्रवाहित करें।
  • अवधि: लगातार 43 दिन या कम से कम 5-7 रविवार/मंगलवार करें।

यह उपाय सरल है और नियमित करने से सकारात्मक परिवर्तन दिखते हैं। यदि कुंडली में गंभीर दोष हों तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लें। सतर्क रहें और विश्वास के साथ करें – सूर्य देव की कृपा से जीवन में समृद्धि और शांति आएगी!


यह भी पढ़े…
GhostPairing’ अटैक से बिना OTP के हैक हो रहा WhatsApp अकाउंट, CERT-In ने जारी की हाई-सेवियरिटी वार्निंग

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment