Air Pollution से फेफड़ों को बचाने के उपाय! यह आसान ब्रीदवर्क रूटीन रोज करें
How to protect lungs from air pollution | दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में AQI लगातार 300-500 के बीच बना हुआ है। जहरीली हवा, PM2.5, PM10 और जहरीले कण हर सांस के साथ फेफड़ों में जा रहे हैं। सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी, गले में जलन, थकान, एलर्जी और इम्यूनिटी कमजोर होना अब आम बात हो गई है।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि आप हवा को तो साफ नहीं कर सकते, पर अपने फेफड़ों को अंदर से मजबूत जरूर बना सकते हैं। 60 सेकंड का ब्रीदवर्क रूटीन, जो रोजाना करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, प्रदूषण के नुकसान से बचाव होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
क्यों है यह 60 सेकंड का अभ्यास इतना खास?
योग विज्ञान में सांस को सिर्फ हवा नहीं, बल्कि प्राण (जीवन ऊर्जा) माना गया है। तेज और उथली सांस लेने की आदत फेफड़ों का सिर्फ 20-30% ही इस्तेमाल कराती है। बढ़ता प्रदूषण इस समस्या को और गंभीर बनाता है। इस 60 सेकंड के भस्त्रिका-आधारित ब्रीदवर्क से:
- फेफड़ों के निष्क्रिय हिस्से सक्रिय होते हैं
- ऑक्सीजन का बेहतर आदान-प्रदान होता है
- जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं
- फेफड़े प्रदूषण के प्रति सहनशील बनते हैं
60 सेकंड का ब्रीदवर्क रूटीन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
- तैयारी
- सुबह खाली पेट या दिन में कभी भी करें।
- रीढ़ सीधी रखकर आराम से बैठें (सुखासन, पद्मासन या कुर्सी पर भी)।
- आंखें बंद करें, पूरा ध्यान सांस पर लगाएं।
- अभ्यास (कुल 60 सेकंड)
- गहरी सांस लें (नाक से जितना हो सके ज्यादा) – 4-5 सेकंड
- सांस को 4-5 सेकंड के लिए रोकें (कुंभक – बिना जोर लगाए)
- धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से सांस छोड़ें – 6-8 सेकंड
- इसे 4-5 बार दोहराएं (कुल समय लगभग 60 सेकंड)
- ध्यान रखें
- जोर-जोर से या तेजी से न करें।
- अगर चक्कर आए तो तुरंत रुक जाएं।
- शुरुआत में 2-3 राउंड से शुरू करें, धीरे-धीरे बढ़ाएं।
- दिन में 2-3 बार कर सकते हैं (खासकर सुबह और शाम)।
इस 60 सेकंड अभ्यास के बड़े फायदे
- फेफड़ों की क्षमता और वॉल्यूम बढ़ता है
- प्रदूषण से होने वाली जलन और सूजन कम होती है
- तनाव और चिंता में तुरंत राहत
- इम्यून सिस्टम मजबूत होता है
- मानसिक स्पष्टता और ऊर्जा बढ़ती है
- नर्वस सिस्टम बैलेंस रहता है
“बाहरी हवा को आप बदल नहीं सकते, लेकिन अंदर की शक्ति को जरूर बढ़ा सकते हैं। यह 60 सेकंड का अभ्यास आपका सबसे आसान, मुफ्त और सबसे प्रभावी ‘एंटी-पॉल्यूशन शील्ड’ है।”
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









