व्हाट्सऐप APK लिंक स्कैम: 2.49 लाख की ठगी हुई, लेकिन समय पर शिकायत से पूरा पैसा बच गया!
Whatsapp APK Scame | आजकल ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर व्हाट्सऐप के जरिए आने वाले अनजान APK लिंक से। एक हालिया मामले में एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप ग्रुप में एक APK फाइल का लिंक मिला। लिंक पर क्लिक करते ही उनके फोन में मैलवेयर वाला ऐप इंस्टॉल हो गया, जिसने बैंकिंग डिटेल्स और OTP चुरा लिए।
कुछ ही मिनटों में उनके खाते से 2.49 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल लिए गए। पीड़ित को तब पता चला जब बैंक से डेबिट मैसेज आए। लेकिन यहां कहानी का ट्विस्ट है – समय पर सही कदम उठाने से पूरी रकम बच गई!
कैसे बचाया गया पैसा?
पीड़ित ने घबराहट में देरी नहीं की। उन्होंने तुरंत:
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया।
- cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज की।
साइबर सेल ने फटाफट कार्रवाई की, पैसे ट्रांसफर हुए खाते को फ्रीज/होल्ड करवा दिया। जांच के बाद पूरी 2.49 लाख रुपये की राशि सुरक्षित वापस मिल गई।
यह केस साबित करता है कि फ्रॉड के तुरंत बाद शिकायत करना कितना जरूरी है – जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, उतनी ज्यादा संभावना पैसे बचने की!
यहां कुछ वॉर्निंग इमेजेस हैं जो ऐसे स्कैम्स से बचाव के लिए महत्वपूर्ण संदेश देती हैं:
स्कैमर्स से बचने के टॉप सेफ्टी टिप्स
- कभी भी अनजान WhatsApp, SMS या ग्रुप में आए APK लिंक पर क्लिक न करें।
- ऐप्स सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें।
- फोन में Unknown Sources से इंस्टॉलेशन ऑफ रखें।
- संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिलते ही तुरंत बैंक को सूचित करें और 1930 पर कॉल करें।
- OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें।
यहां रिकवरी प्रोसेस की कुछ इमेजेस हैं जो दिखाती हैं कि समय पर एक्शन से पैसा कैसे वापस आ सकता है:
याद रखें – जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है! अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है, तो बिना देर किए 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। अपना पैसा बचाएं, दूसरों को भी बचाएं!
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।










