शहर में सख्ती, गांवों में खुला खेल: चाइना डोर फिर बनी जानलेवा
पुलिस अभियान शहरी सीमाओं तक सिमटा, ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से बिक्री और उपयोग
Ujjain News | उज्जैन। शहर में प्रतिबंधित चाइना डोर पर पुलिस की सख्ती के बाद अब इसका अवैध कारोबार और उपयोग ग्रामीण इलाकों की ओर खिसक गया है। कलेक्टर के आदेशों के तहत शहरी क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष पुलिस अभियानों का असर शहर तक तो दिखाई दे रहा है, लेकिन आसपास के गांवों में निगरानी के अभाव में चाइना डोर खुलेआम बिक रही है और पतंगबाज बेखौफ इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
चिंतामण क्षेत्र से लगे गांवों में ही नहीं, बल्कि मक्सी और आगर रोड के आंचलिक इलाकों में भी चाइना डोर की खरीद–फरोख्त और उपयोग की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दुकानों और अस्थायी ठेलों पर यह डोर आसानी से उपलब्ध है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
लेकोड़ा गांव में बच्चा हुआ घायल, फिर भी नहीं चेता प्रशासन
ग्रामीण क्षेत्र में चाइना डोर की घातकता का ताजा उदाहरण लेकोड़ा गांव में सामने आया, जहां चाइना डोर की चपेट में आने से एक बच्चे का हाथ गंभीर रूप से कट गया। इस घटना के बाद भी संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में न तो कोई विशेष अभियान चलाया गया और न ही प्रभावी कार्रवाई नजर आई।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शहर में सख्ती के चलते विक्रेता गांवों का रुख कर रहे हैं, जहां न तो नियमित निगरानी है और न ही भय का वातावरण। नतीजतन, जानलेवा डोर का कारोबार बेरोकटोक जारी है।
शहर में मुनादी, गांवों में खामोशी
पुलिस द्वारा शहरी क्षेत्र में वज्र वाहन के माध्यम से संभावित और संवेदनशील इलाकों में मुनादी कर चाइना डोर के उपयोग पर चेतावनी दी जा रही है। पतंग उड़ाने वालों को सख्त कार्रवाई की हिदायत दी जा रही है।
इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्रों में न तो मुनादी हो रही है और न ही पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे रही है, जिससे असमान कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक समान और समन्वित कार्रवाई की जाए। केवल शहर तक सीमित सख्ती से समस्या का समाधान संभव नहीं है। यदि समय रहते ग्रामीण इलाकों में भी प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया, तो चाइना डोर से होने वाली दुर्घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









