पंजाब में मिशन प्रगति शुरू प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग, सीएम मान ने किया शुभारंभ
Punjab Mission Pragati free coaching | बठिंडा (पंजाब), 12 जनवरी 2026 पंजाब सरकार युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को बठिंडा के जिला पुस्तकालय में मिशन प्रगति का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त अकादमिक और शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि महंगी कोचिंग का खर्च वहन न कर पाने वाले युवाओं को अब कोई चिंता नहीं करनी होगी। यह पहल विशेष रूप से सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी), पंजाब पुलिस, सशस्त्र बलों और अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी पर केंद्रित है।
पहले बैच में 40 छात्रों का नामांकन
सीएम मान ने बताया कि पहले बैच में 40 छात्रों का नामांकन हो चुका है। कक्षा शिक्षण के साथ-साथ पंजाब पुलिस के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा शारीरिक फिटनेस ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि उम्मीदवारों की समग्र तैयारी सुनिश्चित हो सके।
लाइब्रेरी सदस्य बनने पर छात्रों को पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और अन्य संसाधन मुफ्त उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम मौजूदा ढांचे का उपयोग करके चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी खर्च न्यूनतम है।
‘युवाओं द्वारा युवाओं की मदद’ का अनोखा मॉडल
मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन प्रगति “युवाओं द्वारा युवाओं की मदद” के सिद्धांत पर आधारित है। यहां मार्गदर्शक वे सफल उम्मीदवार होंगे, जो खुद पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। इस पहल को शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों, पुलिस अधिकारियों, खिलाड़ियों और छात्रों का पूरा समर्थन मिल रहा है।
यह कार्यक्रम “कोई भी पीछे न छूटे” के विचार पर टिका है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को समान अवसर प्रदान करना, सरकारी नौकरियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाले में बदलना है।
शिक्षा सुधारों का हिस्सा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जोर दिया कि पंजाब सरकार शिक्षा सुधारों के माध्यम से युवाओं को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें नौकरी और समग्र विकास के अवसर देना चाहती है। यह योजना राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।
मिशन प्रगति की विशेषताएं
- लक्ष्य: ग्रामीण एवं मेधावी छात्रों को महंगी कोचिंग से मुक्ति
- पहला बैच: 40 छात्र नामांकित
- प्रशिक्षण: मुफ्त अकादमिक + शारीरिक (पंजाब पुलिस ट्रेनर्स द्वारा)
- सुविधाएं: जिला पुस्तकालय में मुफ्त पुस्तकें, अध्ययन सामग्री
- मॉडल: “युवाओं द्वारा युवाओं की मदद” – अनुभवी उम्मीदवार मार्गदर्शन करेंगे
- उद्देश्य: सरकारी नौकरियों में बढ़ती भागीदारी, नौकरी सृजन
पंजाब के युवा अब मुफ्त कोचिंग के साथ अपने सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और राज्य के विकास में योगदान दें।
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