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आपका मूलांक क्या है? ये ग्रह और मंत्र बनाएंगे राजयोग, धन-यश-शांति की प्राप्ति

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आपका मूलांक क्या है? ये ग्रह और मंत्र बनाएंगे राजयोग, धन-यश-शांति की प्राप्ति

Root Number Planet and Powerful Mantra | अंक ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर प्राप्त होने वाला मूलांक (1 से 9 तक) नवग्रहों से सीधे जुड़ा होता है। इन मंत्रों का जाप सुबह स्नान के बाद या शाम को शांत मन से करने से ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे करियर, स्वास्थ्य, रिश्ते और धन संबंधी चुनौतियां कम हो जाती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं प्रत्येक मूलांक के स्वामी ग्रह, शुभ मंत्र और उनके लाभ:

मूलांक 1 (जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28) स्वामी ग्रह: सूर्य शुभ मंत्र: “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” या सरल रूप में “ॐ सूर्याय नमः” लाभ: आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, यश, स्वास्थ्य और सफलता में वृद्धि। सूर्य की कृपा से जीवन में राजयोग जैसे अवसर मिलते हैं।

मूलांक 2 (जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29) स्वामी ग्रह: चंद्रमा शुभ मंत्र: “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः” या “ॐ चंद्राय नमः” लाभ: मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, परिवार और प्रेम संबंधों में मधुरता। चंद्रमा मजबूत होने से तनाव और चिंता दूर होती है।

मूलांक 3 (जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30) स्वामी ग्रह: बृहस्पति (गुरु) शुभ मंत्र: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः” या गायत्री मंत्र लाभ: ज्ञान, शिक्षा, संतान सुख, बुद्धिमत्ता और लंबी आयु। गुरु की कृपा से करियर में उन्नति और धार्मिक रुचि बढ़ती है।

मूलांक 4 (जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31) स्वामी ग्रह: राहु शुभ मंत्र: “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” या “ॐ राहवे नमः” लाभ: अचानक परेशानियों से मुक्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा में इजाफा, विदेश यात्रा या अप्रत्याशित लाभ। राहु की शांति से भय और भ्रम कम होता है।

मूलांक 5 (जन्म तिथि: 5, 14, 23) स्वामी ग्रह: बुध शुभ मंत्र: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” या “ॐ गणपतये नमः” लाभ: व्यापार-करियर में सफलता, बुद्धि की तेजी, संचार कौशल और स्वास्थ्य लाभ। बुध मजबूत होने से निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

मूलांक 6 (जन्म तिथि: 6, 15, 24) स्वामी ग्रह: शुक्र शुभ मंत्र: “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” या “ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः” लाभ: प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, विलासिता और रचनात्मकता में वृद्धि। शुक्र की कृपा से जीवन सुखमय और आकर्षक बनता है।

मूलांक 7 (जन्म तिथि: 7, 16, 25) स्वामी ग्रह: केतु शुभ मंत्र: “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः” या “ॐ गं गणपतये नमः” लाभ: आध्यात्मिक उन्नति, बाधाओं का निवारण, अंतर्ज्ञान और मानसिक स्थिरता। केतु की शांति से रहस्यमयी समस्याएं हल होती हैं।

मूलांक 8 (जन्म तिथि: 8, 17, 26) स्वामी ग्रह: शनि शुभ मंत्र: “ॐ प्रां प्रीं प्रों सः शनैश्चराय नमः” या “ॐ शनैश्चराय नमः” लाभ: मेहनत का फल, न्याय, दीर्घकालिक सफलता और कठिनाइयों पर विजय। शनि की कृपा से जीवन में स्थिरता आती है।

मूलांक 9 (जन्म तिथि: 9, 18, 27) स्वामी ग्रह: मंगल शुभ मंत्र: “ॐ अं अंगारकाय नमः” या “ॐ भौमाय नमः” लाभ: साहस, ऊर्जा, संपत्ति और पराक्रम में वृद्धि। मंगल मजबूत होने से विरोधियों पर विजय और तेज प्रगति होती है।

बॉक्स में विशेष टिप अपना मूलांक कैसे निकालें? जन्म तिथि के सभी अंकों को जोड़ें (उदाहरण: 15-03-1990 → 1+5+0+3+1+9+9+0 = 28 → 2+8=10 → 1+0=1, मूलांक 1)। जाप की विधि: रोजाना 108 बार या कम से कम 11 बार जप करें। माला का उपयोग करें, शांत स्थान चुनें और सकारात्मक भाव रखें। नियमितता से चमत्कारी परिणाम मिलते हैं।

अंक ज्योतिष न केवल आपके व्यक्तित्व को समझाता है, बल्कि ग्रहों के साथ सामंजस्य बिठाकर जीवन को और बेहतर बनाने का सरल उपाय भी देता है। आज ही अपना मूलांक जानें और संबंधित मंत्र का जाप शुरू करें—किस्मत खुद-ब-खुद चमकने लगेगी!


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