शाजापुर जिले में बेमौसम कहर: तेज आंधी-तूफान के साथ भीषण ओलावृष्टि, गेहूं की फसल को भारी नुकसान की आशंका
Shajapur News | शाजापुर जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। सुबह हल्की बारिश के बाद देर शाम तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक गिरे बड़े-बड़े ओलों ने लोगों को हैरान कर दिया। शहरी क्षेत्र में हाईवे पर ओलों की तीव्रता इतनी अधिक रही कि सड़कें पूरी तरह सफेद नजर आने लगीं और आवागमन कुछ समय के लिए ठप हो गया।
अचानक बदले मौसम से आमजन में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर चल रहे वाहन चालक अपनी गाड़ियां रोककर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। वहीं, खुले में मौजूद लोग और मवेशी भी ओलावृष्टि से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। करीब दस मिनट तक तेज बारिश भी हुई, जिससे ठंडक और बढ़ गई।
‘मिनी कश्मीर’ जैसा नजारा
ओलावृष्टि के बाद शहर के प्रमुख मार्गों और हाईवे पर जमी बर्फ ने नजारा किसी पहाड़ी इलाके जैसा बना दिया। बड़े आकार के ओले गिरने से सड़क किनारे लगे बैनर-पोस्टर और अस्थायी संरचनाएं भी तेज हवाओं में उखड़ गईं। हवाओं की रफ्तार करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
ग्रामीण अंचलों में ज्यादा असर
जिले के मोहन बड़ोदिया, बोलाई, चौमा, बरनावद, निपानिया, मांगलिया और सागड़िया सहित कई गांवों में बेर और नींबू के आकार के ओले गिरे। ओलों की मार से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि फसल पकने की अवस्था में थी, ऐसे में बेमौसम ओलावृष्टि से उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है।
किसान अवधेश और नरेंद्र ने बताया कि यदि जल्द सर्वे कर मुआवजा नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
मौसम का मिजाज अभी रहेगा खराब
मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार, जिले में पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। अगले 24 घंटे में भी तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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