---Advertisement---

MP में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट, कई जिलों में बारिश के आसार; किसानों में चिंता

---Advertisement---

MP में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट, कई जिलों में बारिश के आसार; किसानों में चिंता

Today MP Weather | 31 जनवरी 2026 बदलते मौसम ने मध्य प्रदेश में फिर से हलचल मचा दी है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 31 जनवरी को कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ बौछारें और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। खासकर उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में ओलावृष्टि (हेलस्टॉर्म) की संभावना बनी हुई है, जिससे गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।

ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर इन जिलों पर

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में ओलावृष्टि का खतरा ज्यादा है। IMD के पूर्वानुमान में इन जिलों में ओले गिरने और 25-35 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है:

  • मुरैना
  • श्योपुर
  • भिंड
  • दतिया
  • शिवपुरी
  • गुना
  • अशोकनगर

ये इलाके चंबल और ग्वालियर संभाग में आते हैं, जहां किसान अभी फसलों की देखभाल में जुटे हैं। ओलावृष्टि से फसलें चटक सकती हैं और उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।

बारिश का सिलसिला इन जिलों में जारी रहेगा

प्रदेश के प्रमुख शहरों और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रभावित जिलों में शामिल हैं:

  • उज्जैन
  • इंदौर
  • भोपाल
  • होशंगाबाद (नर्मदापुरम)
  • जबलपुर
  • शहडोल

इसके अलावा पन्ना, दमोह, छतरपुर, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, शाजापुर, मंदसौर और नीमच जैसे जिलों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन रातें रहेंगी ठंडी

राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 11°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा ऊपर है। प्रदेश भर में न्यूनतम तापमान 8°C से 14°C के बीच रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में ±2-4 डिग्री से ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। बारिश खत्म होने के बाद रात के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।

किसानों के लिए विशेष सतर्कता की जरूरत

कृषि विज्ञान केंद्रों और मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों की सलाह है:

  • खेतों में पानी का निकास तुरंत सुनिश्चित करें, ताकि फसलें डूब न जाएं।
  • गेहूं और चने की फसलों पर नमी से रोग (जैसे फफूंदी) लगने का खतरा है, इसलिए नियमित जांच करें।
  • जरूरत पड़ने पर अनुशंसित फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
  • बागवानी फसलों में फल झड़ने से बचाव के लिए पौधों को सहारा दें और अनावश्यक गतिविधियां टालें।
  • मौसम साफ होने तक सिंचाई रोक दें और कटी फसलों को खुले में न छोड़ें।

बारिश का मुख्य कारण: सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ

उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण नम हवाओं का प्रवाह बढ़ा है। इससे बादल छाए हैं और कई जगहों पर बारिश हो रही है। हाल ही में सतना में 20.4 मिमी, टीकमगढ़ में 10.8 मिमी, सागर में 9.8 मिमी और भोपाल में 8.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।

अगले दो दिनों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ जिलों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। किसान भाईयों से अपील है कि मौसम की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें और फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें।

(यह समाचार IMD भोपाल बुलेटिन और उपलब्ध मौसम जानकारी पर आधारित है।


यह भी पढ़ें….
चंद्रमा का गोचर मिथुन से कर्क में, गजकेसरी और अनफा योग से मिथुन, तुला, वृश्चिक सहित कई राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment