आज रात आसमान में बिखरेगी ‘स्नो मून’ की चांदनी, फरवरी का फुल मून होगा पूरी चमक पर
1 फरवरी की शाम 5:09 बजे दिखेगा स्नो मून, सदियों पुराना है नाम, जानें देखने का सही समय और रोचक तथ्य
Full Moon February 1 2026 | फरवरी की पहली रात खगोल प्रेमियों के लिए खास होने जा रही है। 1 फरवरी को आसमान में फरवरी महीने का पूर्ण चंद्रमा यानी ‘स्नो मून’ अपनी पूरी चमक के साथ दिखाई देगा। शाम करीब 5:09 बजे यह फुल मून अपने अधिकतम प्रकाश पर होगा और सूर्यास्त के साथ ही पूर्व दिशा में उगते हुए एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करेगा।
यह खगोलीय घटना न केवल देखने में सुंदर होगी, बल्कि इसके साथ मून इल्यूजन और अर्थशाइन जैसे दिलचस्प प्रभाव भी नजर आ सकते हैं।
क्यों पड़ा ‘स्नो मून’ नाम?
‘स्नो मून’ नाम का इतिहास सदियों पुराना है। 1760 के दशक में कैप्टन जोनाथन कार्वर ने अपने लेखों में इसका उल्लेख किया था।
द ओल्ड फार्मर्स अल्मनैक के अनुसार, उत्तरी अमेरिका में फरवरी के महीने में सबसे अधिक बर्फबारी होती थी, इसलिए इस पूर्ण चंद्रमा को ‘स्नो मून’ कहा जाने लगा। यह नाम मौसम और प्रकृति से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं का प्रतीक है।
क्या होता है पूर्ण चंद्रमा?
जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए सूर्य के ठीक सामने होता है, तब पृथ्वी की ओर वाला चंद्रमा का पूरा भाग सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित हो जाता है। इसी अवस्था को पूर्ण चंद्रमा (फुल मून) कहा जाता है।
नासा के अनुसार, तकनीकी रूप से इसे ‘हाफ मून’ भी कहा जा सकता है, क्योंकि इसी समय हम चंद्रमा के पूरे प्रकाशित हिस्से को सबसे साफ देख पाते हैं।
कब और कैसे देखें स्नो मून
- समय: 1 फरवरी, शाम 5:09 बजे के आसपास
- दिशा: सूर्यास्त के समय पूर्व दिशा की ओर देखें
- स्थिति: ‘कर्क’ तारामंडल के पास दिखाई देगा
- बेहतर दृश्य के लिए: शहर की रोशनी और प्रदूषण से दूर खुले स्थान का चयन करें
आसमान में दिख सकते हैं ये अनोखे दृश्य
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मून इल्यूजन: क्षितिज के पास चंद्रमा सामान्य से बड़ा दिखाई देता है
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चमकदार वलय: बादलों के बीच चंद्रमा के चारों ओर प्रकाश का घेरा
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लिम्ब शिमरिंग: वायुमंडल के कारण चंद्रमा का किनारा हिलता हुआ प्रतीत होना
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अर्थशाइन: चंद्रमा के अंधेरे हिस्से पर हल्की रोशनी, जो पृथ्वी से परावर्तित सूर्य प्रकाश के कारण दिखती है
चंद्रमा से जुड़े रोचक तथ्य
चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं होता, वह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित कर चमकता है। पृथ्वी से हमें हमेशा चंद्रमा का एक ही हिस्सा दिखाई देता है, क्योंकि उसका घूर्णन और परिक्रमण समान गति से होता है।
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।



