Ujjain news: महाशिवरात्रि का पर्व हर शिव भक्त के लिए आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा दिन होता है। वर्ष 2026 में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि महापर्व पर उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए लगभग दस लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है ताकि सभी भक्त सुरक्षित तरीके से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।
महाशिवरात्रि 2026 में दर्शन को लेकर विशेष तैयारी
मंदिर समिति ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्शन व्यवस्था बनाई है। सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर दर्शन होंगे जबकि ढाई सौ 250rs रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को लगभग एक किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि भारी भीड़ के बावजूद किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।

सामान्य श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था
सामान्य श्रद्धालुओं का प्रवेश भील समाज धर्मशाला के पास बने द्वार से कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालु शक्ति पथ और महाकाल महालोक होते हुए गणेश मंडपम पहुंचेंगे जहां से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निकास द्वार से बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर और हरसिद्धि मंदिर चौराहे की ओर जा सकेंगे।
शीघ्र दर्शन और पासधारी श्रद्धालुओं की अलग व्यवस्था
शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए अलग बैरिकेटिंग की गई है। यह श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला या हरसिद्धि पाल पार्किंग मार्ग से प्रवेश कर सकेंगे। निर्धारित मार्ग से होते हुए गणेश मंडपम पहुंचकर वे भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। इससे भीड़ का दबाव कम रहेगा और दर्शन प्रक्रिया तेज होगी।
भस्म आरती दर्शन की विशेष व्यवस्था
महाशिवरात्रि के अवसर पर भस्म आरती के लिए पहले से पंजीयन कराने वाले श्रद्धालुओं को मानसरोवर भवन और द्वार क्रमांक एक से प्रवेश दिया जाएगा। भस्म आरती को लेकर सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
पार्किंग और अन्य सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए कर्कराज और मेघदूत पार्किंग तय की गई है जबकि शीघ्र दर्शन श्रद्धालुओं के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड और महाकाल मंडपम में पार्किंग उपलब्ध रहेगी। जूता स्टैंड लड्डू प्रसाद काउंटर और पूछताछ केंद्र भी निर्धारित स्थानों पर रहेंगे ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर समिति और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय मार्गों का पालन करें धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा व्यवस्था में पूरा सहयोग करें। इससे सभी भक्त शांतिपूर्वक और श्रद्धा के साथ भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।
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