मध्यप्रदेश के सीधी जिले से एक चौंकाने वाली खोज सामने आई है, जहां सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कोरौली कला स्थित अतरौला पहाड़ी इलाके में विशालकाय जीवाश्म मिलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में फैली हड्डियां लगभग 11 से 12 मीटर लंबी हैं और उनके साथ बड़े-बड़े दांत भी नजर आ रहे हैं। इस खोज को लेकर जहां वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व की चर्चा तेज हो गई है, वहीं प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह बहुमूल्य धरोहर नष्ट होने की कगार पर खड़ी है।
असुरक्षित पड़े जीवाश्म, बच्चों और चरवाहों की पहुंच
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, संभावित जीवाश्म पूरी तरह असुरक्षित अवस्था में खुले में पड़े हैं। छोटे बच्चे और चरवाहे इन हड्डियों के टुकड़ों से छेड़छाड़ कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर हड्डियों को तोड़कर इधर-उधर फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे ऐतिहासिक साक्ष्यों को भारी क्षति पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों की पहल, प्रशासन की उदासीनता
स्थानीय निवासी नारायण केवट ने बताया कि पहाड़ी पर विकराल आकार की हड्डियां दिखते ही उन्होंने इसकी सूचना ग्राम सरपंच को दी थी। शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जब बच्चों द्वारा हड्डियों से छेड़छाड़ शुरू हुई, तो उन्होंने स्वयं बिखरे टुकड़ों को एकत्र कर सुरक्षित रखने का प्रयास किया, लेकिन हालात फिर से बिगड़ते जा रहे हैं।
कार्रवाई का इंतजार, बढ़ता आक्रोश
ग्रामीणों ने दोबारा इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसडीएम सिहावल को दी, लेकिन छह दिन बीत जाने के बावजूद न तो कोई विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची और न ही स्थल को संरक्षित किया गया। लोगों का कहना है कि यदि यह खोज प्राचीन जीवों से जुड़ी है, तो यह सीधी जिले के लिए अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर बन सकती है, लेकिन प्रशासनिक देरी इसे सदा के लिए नष्ट कर सकती है।
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