भोपाल में देर रात चली भोपाल पुलिस छापेमारी ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे लगभग 400 पुलिसकर्मियों ने एक साथ शहरभर में कॉम्बिंग पेट्रोलिंग शुरू की। इस विशेष अभियान के तहत ईरानी गैंग के एक कैंप को निशाना बनाया गया, जिसे गिरोह का मुख्य ठिकाना माना जा रहा था। इस कार्रवाई में 31 पुरुष और 8 महिलाओं सहित कुल 39 लोगों को हिरासत में लिया गया।
करोड़ों का माल बरामद, मोबाइल और वाहन भी जब्त
भोपाल पुलिस छापेमारी के दौरान पुलिस ने ठिकाने से 644.56 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन जिनकी कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई, 1.35 लाख रुपये नकद, 1.7 किलो गांजा और 17 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि ये वाहन आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते थे।

408 गिरफ्तारी, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
यह भोपाल पुलिस छापेमारी केवल एक ठिकाने तक सीमित नहीं रही। पूरे शहर में चलाए गए अभियान में कुल 408 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 283 ऐसे आरोपी थे जिन पर पहले से वारंट जारी थे, जबकि 125 के खिलाफ नए वारंट थे। ये सभी चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग और वाहन चोरी जैसे मामलों में वांछित थे।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों में सक्रिय रहा है। गिरोह का सरगना राजू ईरानी पहले सूरत से गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस का कहना है कि खुफिया जानकारी और लगातार निगरानी के बाद ही इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
31 दिसंबर 2025 को भी भोपाल पुलिस छापेमारी के तहत अमन कॉलोनी में इसी नेटवर्क से जुड़े ठिकाने पर रेड की गई थी। उस दौरान भी चोरी का सामान और अवैध हथियार बरामद हुए थे। फिलहाल पुलिस अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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