Maha Shivratri Somnath 2026 के पावन अवसर पर गिर सोमनाथ और जूनागढ़ के भवानाथ क्षेत्र में आस्था का विशाल सागर उमड़ पड़ा। शिव मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। गिरनार की तलहटी में स्थित भवानाथ में आहवान अखाड़ा द्वारा विशेष रूप से दूध और ड्रायफ्रूट मिश्रित भांग तैयार कर भगवान शिव को नैवेद्य अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप इस भांग का लाभ लिया और भक्ति में लीन नजर आए।
पौराणिक मान्यता और भांग का महत्व
Maha Shivratri Somnath 2026 के दौरान साधु-संतों ने बताया कि समुद्र मंथन के समय निकले हलाहल विष का पान करने के बाद महादेव के शरीर में उत्पन्न अग्नि को शांत करने के लिए भांग और शीतल पदार्थ अर्पित किए गए थे। इसी परंपरा को निभाते हुए आज भी दूध, वरीयाली, काजू, बादाम और अन्य मेवों से भांग तैयार की जाती है। इसे औषधीय और शीतल प्रभाव वाला माना जाता है।
नशे के लिए नहीं, प्रसाद के रूप में स्वीकारें
संतों ने विशेष अपील की कि भांग को नशे के लिए नहीं, बल्कि प्रसाद के रूप में श्रद्धा से ग्रहण किया जाए। उन्होंने कहा कि इसका दुरुपयोग शिव भक्ति का अपमान है।
Maha Shivratri Somnath 2026 के अवसर पर भक्ति, परंपरा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमनाथ और भवानाथ क्षेत्र पूरी तरह शिवमय हो उठा।
read also: Ujjain Mela 2026: ऑटो सेल्स में 50% उछाल की उम्मीद, लेकिन OEM सप्लाई की कमी से डीलर परेशान











