ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है। कर्रेगुट्टा की दुर्गम पहाड़ियों में चल रहे इस अभियान में अब तक 5 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 छत्तीसगढ़ के तहत करीब 300 नक्सलियों की घेराबंदी की सूचना मिल रही है, जबकि 2000 से अधिक जवान मोर्चे पर तैनात हैं। इस संयुक्त कार्रवाई में सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और कोबरा कमांडो शामिल हैं।
कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में घेराबंदी
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 छत्तीसगढ़ को विशेष रूप से नक्सल प्रभावित और संवेदनशील मानी जाने वाली कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में लॉन्च किया गया है। सुरक्षा बलों ने रणनीतिक तरीके से इलाके को घेरते हुए सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। सूत्रों के अनुसार, चार वरिष्ठ नक्सली कमांडर एजेंसियों के निशाने पर हैं। सुरक्षाबलों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आत्मसमर्पण नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य और समीक्षा बैठक
राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 छत्तीसगढ़ को तेज किया गया है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री ने रायपुर में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसके बाद अभियान को और व्यापक रूप दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि शांति और विकास के लिए यह अभियान आवश्यक है।
बीजापुर सीमा पर भी तेज कार्रवाई
बीजापुर जिले में छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा के पास ‘KGH-2’ ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। मुठभेड़ में 5 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। शीर्ष नक्सली देवजी समेत कुछ बड़े नामों की मौजूदगी की सूचना पर कार्रवाई की गई। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने किसी विशेष अभियान से इंकार करते हुए बताया कि कर्रेगुट्टा क्षेत्र में नए फॉरवर्ड बेस स्थापित किए गए हैं और नियमित सर्च ऑपरेशन जारी है।
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में और बड़े परिणाम ला सकता है। सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में अहम कदम उठाया जा रहा है।
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