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एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बड़ा बवाल, यूथ कांग्रेस के विरोध से दिल्ली में मचा राजनीतिक तूफ़ान

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बड़ा बवाल, यूथ कांग्रेस के विरोध से दिल्ली में मचा राजनीतिक तूफ़ान
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नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 उस समय अचानक राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया जब इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शर्टलेस प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन समिट स्थल के बाहर किया गया, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के हितों से समझौता कर रही है। दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कम से कम चार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस घटना ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान राजनीतिक माहौल को काफी गर्म कर दिया और राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी।

कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाज़ी

इस मामले ने राजनीतिक बयानबाज़ी को और तेज कर दिया। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर निशाना साधते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इस विरोध को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश बताया। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की और कहा कि ऐसे प्रदर्शन वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं। इस पूरे विवाद के बीच एआई इम्पैक्ट समिट 2026 लगातार सुर्खियों में बना रहा और सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट तक हर जगह इसकी चर्चा होती रही।

वैश्विक नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा भारत का महत्व

राजनीतिक विवादों के बावजूद एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर के बड़े उद्योगपतियों, टेक कंपनियों के प्रमुखों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमों, नवाचार, सेमीकंडक्टर उपलब्धता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत को एआई हब बनाने की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि इस समिट ने देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएँ खोली हैं और यह सिर्फ चर्चा का मंच नहीं बल्कि ठोस कदमों की शुरुआत है।

भारत के एआई विज़न को मिली वैश्विक स्वीकृति

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनिया भर की भागीदारी यह दिखाती है कि भारत की भूमिका पर वैश्विक भरोसा बढ़ रहा है। उनके अनुसार पाँच लाख से अधिक लोगों ने समिट और एक्सपो में भाग लिया और लगभग हर बड़ी एआई कंपनी इसमें शामिल हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री के “मानवएआई” विज़न का भी उल्लेख किया, जिसका अर्थ है—मनुष्यों के लिए, मनुष्यों द्वारा विकसित और जिम्मेदारी से उपयोग की जाने वाली एआई। वैष्णव के अनुसार पहली बार इतने बड़े स्तर पर नैतिक और जिम्मेदार एआई पर गंभीर चर्चा देखने को मिली।

निवेश, टेक्नोलॉजी और भविष्य की दिशा

समिट का एक बड़ा आकर्षण निवेश से जुड़ी घोषणाएँ भी रहीं। सरकार के अनुसार एआई, डेटा सेंटर और संबंधित तकनीकों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में 250 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जबकि लगभग 20 बिलियन डॉलर के डीप-टेक वेंचर निवेश पूरे हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये आंकड़े केवल आर्थिक महत्व नहीं दिखाते बल्कि यह भी बताते हैं कि दुनिया भारत को भविष्य की एआई अर्थव्यवस्था में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में देख रही है। इसी कारण एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को भारत की तकनीकी और रणनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।

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