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ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम से हिमाचल में रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव

ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम से हिमाचल में रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव
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हिमाचल सरकार ने ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम लागू कर नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और सार्वजनिक भवनों में चार्जिंग स्टेशन जरूरी किए।

हिमाचल प्रदेश में ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम लागू होने के बाद रियल एस्टेट और शहरी विकास क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने नए व्यावसायिक, सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक भवनों के साथ-साथ सभी नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य कर दिया है।

ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम से बदलेगा शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर

यह प्रावधान हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (17वां संशोधन) नियम, 2026 के तहत लागू किया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि यह निर्णय मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप है और इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के साथ शहरी ढांचे को तैयार करना है। ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम से आने वाले समय में हर बड़े प्रोजेक्ट में चार्जिंग सुविधा सुनिश्चित होगी।

सरकार का लक्ष्य हिमाचल को ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाना है। इसी दिशा में शहरी विकास नीतियों को अपडेट किया जा रहा है ताकि सतत विकास को बढ़ावा मिल सके। ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की तेज रफ्तार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री सबसे अधिक है, उसके बाद तीनपहिया वाहनों का स्थान है। यात्री इलेक्ट्रिक कारों की वार्षिक बिक्री भी एक लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर चुकी है। केंद्र और राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाएं, कम जीएसटी दरें और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजनाओं ने इस वृद्धि को गति दी है। ऐसे माहौल में ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम जैसे कदम बाजार को और मजबूती देंगे।

ऑटो कंपनियों की बढ़ती भागीदारी

देश की लगभग सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां अब इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में उतर चुकी हैं। टाटा मोटर्स, महिंद्रा, एमजी मोटर और हुंडई जैसी कंपनियां पहले से ही इलेक्ट्रिक कारें बेच रही हैं, जबकि मारुति सुजुकी ने भी हाल ही में इस सेगमेंट में कदम रखा है। दोपहिया बाजार में हीरो विदा, टीवीएस मोटर, एथर एनर्जी और बजाज ऑटो जैसे ब्रांड मजबूत पोर्टफोलियो के साथ मौजूद हैं। कई स्टार्टअप भी यात्री और वाणिज्यिक ईवी सेगमेंट में सक्रिय हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईवी चार्जिंग अनिवार्य नियम लागू होने से हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता और निवेश दोनों में तेजी आएगी। यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर को भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने में अहम साबित होगा।

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