होंडा EV घाटा की खबर ने वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग को चौंका दिया है। जापान की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी होंडा ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार में लगभग 15.7 अरब डॉलर यानी करीब 2.5 ट्रिलियन येन की बड़ी राइटडाउन की घोषणा की है। कंपनी ने अमेरिका में अपनी कई इलेक्ट्रिक कार योजनाएं रद्द कर दी हैं, जबकि चीन के बाजार में बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी उसके लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
होंडा EV घाटा: अमेरिका में इलेक्ट्रिक कार योजनाएं रद्द
होंडा EV घाटा का सबसे बड़ा कारण अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों की कमजोर मांग माना जा रहा है। कंपनी ने तीन बड़े EV मॉडल के लॉन्च को रद्द कर दिया है। इनमें Honda 0 Saloon, Honda 0 SUV और Acura RSX शामिल हैं।
होंडा ने पहले CES 2024 में Honda 0 Series के कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किए थे और उम्मीद थी कि इनके पहले वाहन 2025 से बाजार में आ जाएंगे। लेकिन बदलते बाजार हालात और मांग में गिरावट के कारण कंपनी ने इन प्रोजेक्ट्स को रोकने का फैसला किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऐसे समय लिया गया जब इन मॉडलों पर भारी निवेश पहले ही किया जा चुका था।
इलेक्ट्रिक कारों की मांग में गिरावट
होंडा EV घाटा के पीछे अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में आई गिरावट भी एक अहम कारण है। रिपोर्ट के अनुसार EV सब्सिडी खत्म होने के बाद बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कमजोर हो गई।
पिछले साल होंडा ने वैश्विक स्तर पर लगभग 3.4 मिलियन वाहन बेचे। लेकिन इनमें से केवल 84 हजार ही इलेक्ट्रिक वाहन थे, जो कुल बिक्री का लगभग 2.5 प्रतिशत है। यही कारण है कि कंपनी को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा।
चीन की कंपनियों से बढ़ती तकनीकी चुनौती
होंडा EV घाटा का दूसरा बड़ा कारण चीन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यहां कई नई कंपनियां तेजी से उभर रही हैं।
ये कंपनियां सॉफ्टवेयर आधारित कारों और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों पर तेजी से काम कर रही हैं। इसके मुकाबले होंडा की विकास प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी मानी जा रही है।
पिछले साल चीन में होंडा ने करीब 6.77 लाख वाहन बेचे, लेकिन इनमें से सिर्फ 17 हजार इलेक्ट्रिक वाहन थे। इससे कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति कमजोर दिखाई देती है।
हाइब्रिड तकनीक और भारत बाजार पर बढ़ेगा फोकस
होंडा EV घाटा के बाद कंपनी अब अपनी रणनीति बदलते हुए हाइब्रिड वाहनों पर ज्यादा ध्यान देने की योजना बना रही है। कंपनी का मानना है कि मौजूदा समय में हाइब्रिड तकनीक अधिक व्यावहारिक विकल्प है।
इसके साथ ही होंडा भारत जैसे उभरते बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भारत में बढ़ती मांग और प्रतिस्पर्धी लागत कंपनी के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
Sony के साथ EV प्रोजेक्ट पर भी सवाल
होंडा EV घाटा के बीच कंपनी की Sony Group के साथ साझेदारी भी चर्चा में है। दोनों कंपनियों ने Sony Honda Mobility नाम से एक संयुक्त उपक्रम बनाया है, जो Afeela नामक इलेक्ट्रिक सेडान विकसित कर रहा है।
हालांकि कंपनी ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट की दिशा पर अभी चर्चा जारी है और अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।
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