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संघ शताब्दी वर्ष विस्तार, मालवा में 100% गांव और 90% घरों तक पहुंचा संगठन

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार, मालवा में 100% गांव और 90% घरों तक पहुंचा संगठन
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संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मालवा प्रांत में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रांत संघचालक ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के दौरान संगठन ने 100 प्रतिशत गांवों और मोहल्लों के साथ 90 प्रतिशत घरों तक पहुंच बनाई है। यह उपलब्धि संघ के समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और जनसंपर्क मजबूत करने के निरंतर प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। इस विस्तार ने संगठन की जड़ों को और गहरा करने के साथ समाज में विश्वास को भी सुदृढ़ किया है।

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में हुई व्यापक समीक्षा

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार की समीक्षा हरियाणा के पानीपत के समीप समालखा में 13 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें अखिल भारतीय कार्यकारिणी, क्षेत्र एवं प्रांत स्तर के पदाधिकारी, विभाग प्रचारक, विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष, सचिव और संगठन मंत्री शामिल हुए। बैठक में संघ के कार्य विस्तार, कार्य दृढ़ीकरण और शताब्दी वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। समाज से मिले व्यापक समर्थन और सहभागिता को इस संघ शताब्दी वर्ष विस्तार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया गया।

देशभर में शाखाओं और गतिविधियों में तेजी

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के चलते देशभर में संगठनात्मक ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में देश के 924 जिलों के 6602 खंडों में से 6127 खंड शाखायुक्त हो चुके हैं। शाखायुक्त मंडलों की संख्या में 1535 की वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 32,305 तक पहुंच गया है। देशभर में 88,949 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें विद्यार्थी और महाविद्यालयीन शाखाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा 32,606 साप्ताहिक मिलन और 13,211 संघ मंडलियां सक्रिय रूप से संचालित की जा रही हैं। संघ शताब्दी वर्ष विस्तार ने सेवाबस्तियों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है।

मालवा प्रांत में संगठन की मजबूत पकड़

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के तहत मालवा प्रांत में भी संगठन ने तेजी से विस्तार किया है। यहां कुल 3,292 स्थानों पर 5,049 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें 527 विद्यार्थी शाखाएं शामिल हैं। इस वर्ष 150 नई विद्यार्थी शाखाओं का विस्तार हुआ है। प्रांत में 1961 साप्ताहिक मिलन और 672 सेवा कार्य सक्रिय हैं। इसके साथ ही 299 सेवाबस्तियां शाखायुक्त हो चुकी हैं। संघ शताब्दी वर्ष विस्तार ने मालवा में संगठन की जमीनी पकड़ को और मजबूत किया है।

प्रशिक्षण वर्ग और कार्यकर्ता निर्माण पर जोर

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के दौरान कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। देशभर में 919 प्राथमिक वर्गों में 40,392 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जबकि 105 संघ शिक्षा वर्गों और कार्यकर्ता विकास वर्गों में 21,526 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण मिला। मालवा प्रांत में 25 प्राथमिक वर्गों में 1712 स्वयंसेवक शामिल हुए और 551 कार्यकर्ताओं ने संघ शिक्षा वर्गों में भाग लिया। इससे संगठन को मजबूत और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का आधार मिला है।

गृह संपर्क और विशेष अभियान का प्रभाव

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के अंतर्गत व्यापक गृह संपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत देशभर में 10 करोड़ से अधिक घरों तक संपर्क किया गया। मालवा प्रांत में 32 लाख परिवारों तक कार्यकर्ताओं ने पहुंच बनाई। सभी गांवों और मोहल्लों में कार्यकर्ता पहुंचे और समाज को संघ की यात्रा तथा सामाजिक परिवर्तन के संदेश से जोड़ा। संघ शताब्दी वर्ष विस्तार में विशेष संपर्क अभियान के तहत विभिन्न विचारधाराओं के लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है।

हिंदू सम्मेलन और सामाजिक सद्भाव पर जोर

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के दौरान देशभर में बड़े स्तर पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें करोड़ों लोग शामिल हुए। मालवा प्रांत में 70 लाख से अधिक लोगों ने इन सम्मेलनों में भाग लिया। इसके साथ ही सामाजिक सद्भाव बैठकों के माध्यम से विभिन्न समाजों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया गया। इन बैठकों में हजारों समाज प्रमुखों की सहभागिता रही, जिससे सामाजिक एकता को बल मिला।

युवा कार्यक्रम और समाज परिवर्तन की पहल

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार में युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। मालवा प्रांत में विभिन्न युवा कार्यक्रमों में 1.88 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। युवा संगम, व्याख्यान, युवा संसद और उद्यमी मंच जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभाव और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया। यह पहल भविष्य में समाज परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संगठनात्मक बदलाव और भविष्य की योजना

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के साथ संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किए जा रहे हैं। मार्च 2027 से नई भौगोलिक रचना लागू होगी, जिसमें देश को नौ क्षेत्रों और 85 संभागों में विभाजित किया जाएगा। मालवा प्रांत को उज्जैन और इंदौर संभाग में विभाजित किया जाएगा। यह बदलाव संगठन के विकेंद्रीकरण और प्रभावी संचालन को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

समाज परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के प्रयास

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा समाज परिवर्तन के लिए अनेक सकारात्मक प्रयास किए गए। नशा मुक्ति अभियान, धार्मिक जागरण, परंपरागत कौशल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में व्यापक कार्य किए गए। विभिन्न राज्यों में जनजागरण और सामाजिक सुधार के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

संघ शताब्दी वर्ष विस्तार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन केवल विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के समग्र विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

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