अरविंद केजरीवाल बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2026 के अंत तक प्रधानमंत्री पद पर नहीं रह सकते। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
अरविंद केजरीवाल बयान में केंद्र सरकार पर निशाना
अरविंद केजरीवाल बयान में उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ईमानदार लोगों को जेल में डालती है और बेईमान लोगों को अपनी पार्टी में शामिल करती है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर चुनाव जीतना देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
अरविंद केजरीवाल बयान का मंच और कार्यक्रम
अरविंद केजरीवाल बयान शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत की पुस्तक “Unlikely Paradise” के लॉन्च के दौरान दिया गया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के संविधान क्लब में आयोजित किया गया था, जिसमें कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम में कपिल सिब्बल, दिग्विजय सिंह, जया बच्चन और डेरेक ओ’ब्रायन जैसे प्रमुख नेताओं ने भी हिस्सा लिया।
अरविंद केजरीवाल बयान पर अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल बयान के दौरान शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत ने भी संजय राउत का समर्थन किया। उन्होंने राउत को “शेर” बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई दमनकारी थी।
संजय राउत ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर भारत की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने इसे बेहद खतरनाक स्थिति बताया और सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की।
अरविंद केजरीवाल बयान का राजनीतिक असर
अरविंद केजरीवाल बयान का असर आने वाले समय में राजनीति पर देखने को मिल सकता है। इस तरह के बयान चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं और विपक्ष को एकजुट करने की दिशा में भी भूमिका निभा सकते हैं।
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