सौरव गांगुली IPL को लेकर दिए अपने बयान से एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। सौरव गांगुली IPL को अब इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) और नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) जैसी वैश्विक लीग्स के बराबर मानते हैं। उनका कहना है कि IPL ने बेहद कम समय में जो सफलता हासिल की है, वह वाकई हैरान करने वाली है।
राजस्थान रॉयल्स के संभावित टेकओवर और बढ़ती वैल्यू के बीच सौरव गांगुली IPL की ताकत और प्रभाव को लेकर खुलकर सामने आए हैं।
सौरव गांगुली IPL की शुरुआत से अब तक का सफर
सौरव गांगुली IPL के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहते हैं कि 2008 में उन्होंने लीग की पहली गेंद खेली थी। उस समय IPL एक प्रयोग की तरह शुरू हुआ था, लेकिन आज यह दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि IPL का सफर शानदार रहा है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। सौरव गांगुली IPL को आज एक ग्लोबल ब्रांड के रूप में देखते हैं, जिसकी पहुंच अब दुनिया के हर कोने तक हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से बढ़ी IPL की ताकत
सौरव गांगुली IPL की सफलता का एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को मानते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों से बड़े निवेशकों का IPL में आना इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट का प्रभाव वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है।
हाल ही में राजस्थान रॉयल्स से जुड़े निवेश में अमेरिकी निवेशकों के नाम सामने आए हैं, जिससे IPL की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है।
क्या IPL सच में EPL और NBA के बराबर है
सौरव गांगुली IPL के अनुसार, IPL अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा व्यावसायिक प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने कहा कि भले ही IPL सिर्फ ढाई से तीन महीने चलता है, लेकिन इसकी वैल्यू और व्यूअरशिप कई बड़ी लीग्स के बराबर है।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार IPL के ब्रॉडकास्ट आंकड़े फुटबॉल लीग्स से भी आगे निकल जाते हैं, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
कम समय में बड़ा प्रभाव
सौरव गांगुली IPL के अनुसार, जहां EPL जैसी लीग्स करीब छह महीने चलती हैं, वहीं IPL कम समय में ही उतना ही ध्यान और दर्शक जुटा लेता है। यही कारण है कि IPL को आज दुनिया की सबसे प्रभावशाली स्पोर्ट्स लीग्स में गिना जाता है।
उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि IPL का यह तेजी से बढ़ता प्रभाव आने वाले समय में इसे और ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
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