अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता को लेकर दिए गए अपने बयान से चर्चा में आ गए हैं। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली 2026 के दौरान उन्होंने साफ कहा कि दर्शक खुद तय करते हैं कि उन्हें कौन सी फिल्म पसंद है। अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता पर बोलते हुए उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो फिल्मों को प्रोपेगेंडा कहकर आलोचना करते हैं।
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता: प्रोपेगेंडा विवाद पर दिया करारा जवाब
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि फिल्मों को प्रोपेगेंडा बताने वालों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसे लोग अब अप्रासंगिक हो चुके हैं और उनकी बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शक इतने समझदार हैं कि वे किसी फिल्म को तभी देखते हैं, जब उन्हें वह पसंद आती है।
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता पर उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी दर्शक बिना रुचि के हाउसफुल शो देखने नहीं जाता। इसका मतलब साफ है कि फिल्म को लोगों का असली समर्थन मिल रहा है।
सिनेमा का असर और बिजनेस दोनों अहम
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता पर बात करते हुए उन्होंने सिनेमा की भूमिका को भी समझाया। उनके अनुसार, सिनेमा लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि दर्शक उससे क्या सीख लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा एक बिजनेस भी है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ कमाई भी जरूरी होती है।
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता के संदर्भ में उन्होंने यह संकेत दिया कि फिल्में केवल संदेश देने के लिए नहीं बनतीं, बल्कि दर्शकों को जोड़ने और एंटरटेन करने के लिए भी बनाई जाती हैं।
फिल्म फेस्टिवल और Tanvi The Great की सफलता
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता पर चर्चा के दौरान उन्होंने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को सिनेमा के प्रति जागरूक बनाते हैं और नई सोच को बढ़ावा देते हैं।
इसी दौरान उन्होंने अपनी फिल्म Tanvi The Great की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह फिल्म 25 हफ्तों तक थिएटर में चल चुकी है, जो किसी भी फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता के साथ-साथ यह उपलब्धि उनके करियर के लिए खास मानी जा रही है।
दर्शकों की पसंद ही असली ताकत
अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता का सबसे बड़ा संदेश यही है कि दर्शकों की पसंद सबसे ऊपर होती है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी फिल्म की सफलता या असफलता का फैसला दर्शक करते हैं, न कि आलोचनाएं।
आने वाले समय में भी अनुपम खेर धुरंधर 2 सफलता जैसे बयान फिल्म इंडस्ट्री में बहस को नया मोड़ दे सकते हैं। फिलहाल, यह साफ है कि दर्शकों का भरोसा ही किसी भी फिल्म की असली ताकत होता है।
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