राजधानी में दिल्ली ईवी चार्जिंग नेटवर्क ने नया इतिहास रच दिया है। पिछले एक साल में चार्जिंग प्वाइंट्स की संख्या 10,000 के पार पहुंच गई है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने के साथ लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अधिकारियों के अनुसार हाल के महीनों में 3,000 से ज्यादा नए चार्जिंग प्वाइंट जोड़े गए हैं, जिससे शहर में ईवी इस्तेमाल और तेज होने की उम्मीद है। 0
दिल्ली ईवी चार्जिंग में रिकॉर्ड विस्तार
दिल्ली सरकार ने नई नीति के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर खास जोर दिया है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि शहर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है ताकि बढ़ती मांग को आसानी से पूरा किया जा सके। सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी कर रही है। 1
कहां सबसे ज्यादा बढ़ी मांग
उत्तर दिल्ली के रोहिणी, पीतमपुरा, सिविल लाइंस, मॉडल टाउन और शालीमार बाग जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा मांग देखी गई है। बताया गया है कि कुल इंस्टॉलेशन का करीब 63 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों से आया है। वहीं बावाना, नरेला और किराड़ी जैसे इलाकों में आगे बड़े अवसर दिखाई दे रहे हैं। 2
देश में सबसे आगे पहुंची राजधानी
केंद्रीय बिजली प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार ईवी चार्जिंग बिजली खपत में दिल्ली देश में पहले स्थान पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय सार्वजनिक चार्जिंग खपत में राजधानी की हिस्सेदारी 24.1 प्रतिशत बताई गई है। इससे साफ है कि दिल्ली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। 3
लोगों को क्या होगा फायदा
चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से ईवी खरीदने वालों का भरोसा मजबूत होगा। लोगों को लंबी दूरी और बैटरी खत्म होने की चिंता कम होगी। साथ ही प्रदूषण घटाने और ईंधन खर्च बचाने में भी यह कदम मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष
दिल्ली में चार्जिंग नेटवर्क का यह विस्तार आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की तस्वीर बदल सकता है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो राजधानी देश के लिए मिसाल बन सकती है











