इंदौर में मिलावटखोरी पर सख्ती के तहत प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिससे शहर में मिलावट करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इंदौर में मिलावटखोरी पर सख्ती: कलेक्टर के निर्देश पर तेज हुआ अभियान
जिला स्तरीय बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी प्रतिष्ठान में अमानक खाद्य सामग्री या गंदगी पाई जाती है, तो उसे सील करने और संबंधितों पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा।
मौसमी खाद्य पदार्थ और छात्र क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने आइसक्रीम, जूस और अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा भंवरकुआ और गीता भवन जैसे छात्र बहुल क्षेत्रों में नियमित जांच की जाएगी ताकि छात्रों को सुरक्षित भोजन मिल सके।
प्रशासन का मानना है कि इन क्षेत्रों में खाद्य गुणवत्ता की निगरानी बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में बाहर से आए विद्यार्थी रहते हैं।
जांच और कार्रवाई के आंकड़े भी आए सामने
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में 545 से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है और 1131 खाद्य नमूने लिए गए हैं। इस दौरान कई बड़ी कार्रवाईयों में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई और कई दुकानों को बंद कराया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।









