प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल के घरेलू दौरों के दौरान अपने काफिले में बड़ा बदलाव करते हुए वाहनों की संख्या कम कर दी है। पीएम मोदी काफिला बदलाव के इस फैसले को देश में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं की गई और सभी आवश्यक एसपीजी प्रोटोकॉल पहले की तरह लागू रहे।
पीएम मोदी काफिला बदलाव से जुड़ा बड़ा संदेश
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने गुजरात और असम के हालिया दौरों के दौरान अपने काफिले को छोटा रखने का निर्देश दिया। बताया गया कि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम पहले की तरह कायम रहे, लेकिन गैर-जरूरी वाहनों की संख्या घटाई गई। इस कदम को आम लोगों के सामने सादगी और जिम्मेदार नेतृत्व की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी प्राथमिकता
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जहां संभव हो वहां उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाए। खास बात यह है कि इसके लिए कोई नई खरीदारी नहीं की जाएगी, बल्कि मौजूदा संसाधनों का ही उपयोग होगा। माना जा रहा है कि यह कदम देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
नागरिकों से भी ईंधन बचाने की अपील
प्रधानमंत्री पहले भी कई मंचों से नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने लोगों को सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की सलाह दी थी। पीएम मोदी ने कहा था कि देशभक्ति केवल सीमा पर बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है।
खाद्य तेल और रासायनिक उर्वरकों पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए खाद्य तेल की खपत घटाने की भी अपील की। उनका कहना था कि भारत को खाद्य तेल आयात करने के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। इसके अलावा उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने का आग्रह किया। उनका मानना है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों को फायदा होगा।
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