Indian Railways की गुजरात सेमी हाईस्पीड रेलवे परियोजना को केंद्र सरकार से बड़ी मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने अहमदाबाद (सरखेज) से ढोलेरा तक नई सेमी हाईस्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को स्वीकृति दे दी। करीब 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना भारतीय रेलवे की पहली ऐसी पहल होगी, जिसे स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया जाएगा।
गुजरात सेमी हाईस्पीड रेलवे परियोजना से बदलेगी यात्रा
नई रेलवे लाइन अहमदाबाद, ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, आगामी ढोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स को तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। परियोजना पूरी होने के बाद अहमदाबाद और ढोलेरा के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों को एक ही दिन में आना-जाना आसान होगा।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में देशभर में सेमी हाईस्पीड रेल नेटवर्क विस्तार के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी।
284 गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
करीब 134 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन से गुजरात के अहमदाबाद जिले के लगभग 284 गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे करीब पांच लाख लोगों को सीधा लाभ पहुंचने की संभावना है। परियोजना के जरिए क्षेत्र में रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
पीएम गति शक्ति योजना के तहत तैयार हुआ प्रोजेक्ट
सरकार के अनुसार यह परियोजना पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाना है। इससे लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही पहले से ज्यादा तेज और आसान हो सकेगी।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगी मदद
रेल मंत्रालय का कहना है कि रेलवे परिवहन ऊर्जा बचाने वाला और पर्यावरण के अनुकूल माध्यम है। इस परियोजना से देश में तेल आयात में लगभग 0.48 करोड़ लीटर की कमी आएगी और करीब 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन घटेगा। इसे लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभ माना जा रहा है।








