मध्य प्रदेश का चर्चित इंदौर हनीट्रैप मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
हनीट्रैप केस की मुख्य आरोपी श्वेता जैन को नए मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां अब पुराने नेटवर्क और नए आरोपों के बीच संबंधों की भी जांच कर रही हैं। 0
इंदौर हनीट्रैप मामला में फिर बढ़ी जांच
रिपोर्ट्स के अनुसार श्वेता जैन पहले से चर्चित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामलों में आरोपी रह चुकी हैं।
अब नए केस में गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की दोबारा जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि कई पुराने कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन फिर से जांच के दायरे में आ सकते हैं। 1
2019 का चर्चित हनीट्रैप कांड फिर चर्चा में
साल 2019 में सामने आए इस मामले ने मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा भूचाल ला दिया था।
उस समय कई अधिकारियों, कारोबारियों और नेताओं के नाम कथित वीडियो और ब्लैकमेलिंग मामले में सामने आए थे।
पुलिस ने उस दौरान कई महिलाओं और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 2
श्वेता जैन पर पहले भी लगे थे गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार श्वेता जैन पर ब्लैकमेलिंग, वसूली और आपत्तिजनक वीडियो के जरिए दबाव बनाने जैसे आरोप पहले भी लग चुके हैं।
मामले में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वीडियो क्लिप्स भी जब्त किए गए थे।
हालांकि अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान आरोपों और सबूतों पर कानूनी बहस लगातार जारी रही है। 3
राजनीतिक गलियारों में फिर बढ़ी हलचल
श्वेता जैन की नई गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
विपक्ष और सत्ताधारी दलों के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस के नए खुलासे कई पुराने विवादों को फिर चर्चा में ला सकते हैं। 4
डिजिटल सबूतों और नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस अब मोबाइल डेटा, बैंक रिकॉर्ड और कथित संपर्कों की दोबारा जांच करने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार कुछ नए नाम और लेनदेन भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ सकते हैं।
मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








