तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहन चलाकर मेरा भारत मेरा योगदान अभियान को बढ़ावा देने की पहल की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और आत्मनिर्भरता से जुड़ी अपीलों का समर्थन करते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया।
इस पहल के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में अभियान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 0
मेरा भारत मेरा योगदान अभियान को मिला नया समर्थन
रिपोर्ट्स के अनुसार रामचंदर राव इलेक्ट्रिक वाहन चलाकर बीजेपी के राज्य कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं से भी ईंधन बचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश को ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हर नागरिक को योगदान देना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सात प्रमुख संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की बात भी कही। 1
ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
रामचंदर राव ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, कारपूलिंग अपनाने और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल लोगों को स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूक करने में मदद कर सकती है। 2
तेलंगाना में चलाया जाएगा जनजागरूकता अभियान
रामचंदर राव ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता राज्य के हर गांव और बूथ स्तर तक इस अभियान का संदेश पहुंचाएंगे।
उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और अनावश्यक विदेशी खर्च कम करने की भी अपील की।
पार्टी का कहना है कि आने वाले समय में इस विषय पर कई जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 3
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की कोशिश
हाल ही में रामचंदर राव हैदराबाद मेट्रो में सफर करते हुए भी नजर आए थे, जहां उन्होंने यात्रियों से संवाद कर ईंधन संरक्षण का संदेश दिया।
इस पहल को सरकार और बीजेपी की सादगी तथा पर्यावरण जागरूकता से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने से ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम हो सकते हैं। 4
EV और हरित ऊर्जा पर बढ़ता फोकस
देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित ऊर्जा को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।
केंद्र सरकार भी EV इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियानों से लोगों में पर्यावरण और ऊर्जा बचत को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हो सकती है।











