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AI नौकरी संकट के बीच सुंदर पिचाई पर बढ़ा दबाव, छात्रों के गुस्से ने टेक कंपनियों की बढ़ाई चिंता

AI नौकरी संकट के बीच सुंदर पिचाई पर बढ़ा दबाव, छात्रों के गुस्से ने टेक कंपनियों की बढ़ाई चिंता
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AI नौकरी संकट को लेकर दुनियाभर में बहस तेज होती जा रही है। अमेरिका के विश्वविद्यालयों में अब टेक कंपनियों के बड़े अधिकारियों को छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में होने वाला भाषण भी चर्चा का विषय बन गया है।

छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स में यह डर लगातार बढ़ रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में नौकरियों पर बड़ा असर डाल सकता है। यही वजह है कि कई विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह अब AI बहस का नया मंच बनते जा रहे हैं।

AI नौकरी संकट पर छात्रों का बढ़ता विरोध

हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में पूर्व गूगल सीईओ एरिक श्मिट को छात्रों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। वहीं मिडिल टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी में स्कॉट बोर्चेटा को भी AI को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी।

छात्रों का कहना है कि बड़ी टेक कंपनियां AI को अवसर के रूप में पेश कर रही हैं, लेकिन इसका असर सबसे ज्यादा नई नौकरियों और एंट्री लेवल कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

एक टेक पॉडकास्ट में सुंदर पिचाई से मजाकिया अंदाज में उनकी “बू स्ट्रेटेजी” के बारे में पूछा गया। यह सवाल इस बात का संकेत था कि AI को लेकर छात्रों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

सुंदर पिचाई ने क्या कहा

सुंदर पिचाई ने माना कि AI को लेकर लोगों में चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और इसका असर समाज और रोजगार दोनों पर पड़ रहा है।

हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि नई पीढ़ी AI तकनीक को आगे बढ़ाने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

पिचाई का मानना है कि AI केवल खतरा नहीं बल्कि भविष्य के लिए नए अवसर भी लेकर आएगा।

रोजगार बाजार में बढ़ रही चिंता

अमेरिका में हाल के ग्रेजुएट्स के बीच बेरोजगारी दर पिछले चार वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। कई बड़ी कंपनियां AI आधारित ऑटोमेशन और नई टेक्नोलॉजी के नाम पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं।

नौकरी तलाशने वाले युवाओं को अब लंबी भर्ती प्रक्रिया, AI आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम और ऑटोमेटेड इंटरव्यू सिस्टम का सामना करना पड़ रहा है। इससे युवाओं में असुरक्षा की भावना और बढ़ रही है।

इसके अलावा AI डेटा सेंटरों को लेकर भी विरोध देखने को मिल रहा है। कई अमेरिकी समुदायों ने ऊर्जा खपत और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।

टेक कंपनियां अब भी दिखा रहीं उम्मीद

हालांकि विरोध और चिंता के बावजूद टेक इंडस्ट्री के बड़े नेता AI को भविष्य की क्रांतिकारी तकनीक मान रहे हैं। एनवीडिया प्रमुख जेनसन हुआंग ने हाल ही में कहा था कि यह समय युवाओं के लिए करियर शुरू करने का सबसे बड़ा अवसर हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI रोजगार के स्वरूप को जरूर बदलेगा, लेकिन साथ ही कई नए क्षेत्रों और नौकरियों का भी निर्माण करेगा।

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