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नीट यूजी री-टेस्ट सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, प्रश्नपत्र पहुंचाने में वायुसेना की हो सकती है भूमिका

नीट यूजी री-टेस्ट सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, प्रश्नपत्र पहुंचाने में वायुसेना की हो सकती है भूमिका
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नीट यूजी री-टेस्ट सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा के दोबारा आयोजन से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और वितरण के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में यह प्रस्ताव सामने आया है।

नीट यूजी री-टेस्ट सुरक्षा के लिए नई योजना

सूत्रों के अनुसार, सरकार परीक्षा प्रश्नपत्रों को देशभर के परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था पर काम कर रही है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना को लॉजिस्टिक और परिवहन सहायता देने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि इस संबंध में उच्च स्तर पर चर्चा हुई है, जिसमें कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और संबंधित अधिकारी शामिल हुए। प्रस्ताव का उद्देश्य प्रश्नपत्रों की ढुलाई के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की संभावना को न्यूनतम करना है।

पेपर लीक के बाद बढ़ी सख्ती

नीट यूजी 2026 की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। हालांकि बाद में प्रश्नपत्र लीक होने और संगठित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा परीक्षा निरस्त किए जाने के बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई। जांच एजेंसियां इस मामले में कई राज्यों में कार्रवाई कर चुकी हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

वायुसेना की भूमिका क्यों मानी जा रही अहम

वर्तमान व्यवस्था में प्रश्नपत्रों को डाक नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया में कई स्तरों पर हैंडलिंग होती है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।

नई प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्रों की आवाजाही को अधिक नियंत्रित और सुरक्षित बनाया जा सकता है। माना जा रहा है कि वायुसेना की भागीदारी से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।

छात्रों के भरोसे को मजबूत करने की कोशिश

परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद सरकार और संबंधित एजेंसियां छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए लगातार कदम उठा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो आगामी परीक्षा में अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध देखने को मिल सकते हैं। इससे लाखों अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा का भरोसा मिलेगा।

फिलहाल अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि संकेत यही हैं कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और निगरानी आधारित बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका न रहे।

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