मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आए लोन ऐप ब्लैकमेलिंग के एक चौंकाने वाले मामले ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि 40 हजार रुपए का छोटा सा लोन लेने के बाद उसे लगातार धमकाया गया और उससे करीब 4.50 लाख रुपए वसूल लिए गए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उसकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप में परिचितों और रिश्तेदारों तक भेज दिया।
लोन ऐप ब्लैकमेलिंग में महिला बनी शिकार
पीड़िता ने साइबर क्राइम शाखा में दर्ज शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2025 में पारिवारिक जरूरतों के कारण उसे पैसों की आवश्यकता थी। इसी दौरान उसे एक मोबाइल लोन एप्लिकेशन की जानकारी मिली। उसने ऐप डाउनलोड कर सात दिनों की अवधि के लिए 40 हजार रुपए का ऋण लिया।
कुछ ही दिनों बाद उसे अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार कॉल और संदेश आने लगे। कॉल करने वाले लोग तय समय से पहले ही लोन चुकाने का दबाव बनाने लगे और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगे।
फोटो एडिट कर भेजीं अश्लील तस्वीरें
महिला के अनुसार, आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास उसके मोबाइल का डेटा मौजूद है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो उसकी तस्वीरों को एडिट कर अश्लील रूप में सोशल मीडिया और संपर्क सूची में मौजूद लोगों को भेज दिया जाएगा।
डर और मानसिक दबाव के कारण महिला ने कई बार ऑनलाइन भुगतान किया। इसके बावजूद धमकियां बंद नहीं हुईं। बाद में आरोपियों ने उसकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें रिश्तेदारों और परिचितों को भेजना शुरू कर दिया, जिससे महिला को सामाजिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
छह महीने में वसूले लाखों रुपए
पीड़िता ने बताया कि पिछले छह महीनों के दौरान उससे अलग-अलग माध्यमों से लगातार रकम मांगी जाती रही। कई बार आरोपियों ने बिना मांग के उसके खाते में छोटी रकम जमा कर दी और बाद में उस पर भारी ब्याज और अतिरिक्त शुल्क का दावा किया।
लगातार दबाव और धमकियों के चलते महिला ने कुल मिलाकर लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम विभिन्न यूपीआई आईडी के माध्यम से मांगी गई थी।
परिवार को पता चलने पर दर्ज हुई शिकायत
जब महिला का बैंक खाता लगभग खाली हो गया तो परिवार के सदस्यों ने उससे कारण पूछा। इसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कहां से किया जा रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लोन ऐप का उपयोग करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें।
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