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केरल हाई स्पीड रेल परियोजना से बदलेगी यात्रा की तस्वीर, 3.5 घंटे में पूरा होगा लंबा सफर

केरल हाई स्पीड रेल परियोजना से बदलेगी यात्रा की तस्वीर, 3.5 घंटे में पूरा होगा लंबा सफर
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केरल हाई स्पीड रेल परियोजना को लेकर एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव सामने आया है, जो राज्य में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, तिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगा।

केरल हाई स्पीड रेल परियोजना की खास बातें

प्रस्तावित रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 473 किलोमीटर बताई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्रमुख शहरों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना है।

रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 60,000 करोड़ रुपये रखी गई है। यह लागत पहले प्रस्तावित कुछ अन्य बड़े रेल प्रोजेक्ट्स की तुलना में काफी कम बताई जा रही है।

फंडिंग मॉडल बना चर्चा का विषय

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका वित्तीय ढांचा है। प्रस्ताव में कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा जनभागीदारी के माध्यम से जुटाने की योजना बनाई गई है।

शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त निवेश से जुटाने का प्रस्ताव है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल से बड़े कर्ज की आवश्यकता कम हो सकती है और परियोजना पर वित्तीय दबाव भी सीमित रहेगा।

दुनिया का पहला ग्रीन रेल कॉरिडोर बनने का दावा

रिपोर्ट में इस परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के अनुसार, रेल कॉरिडोर की ऊर्जा जरूरतें सौर ऊर्जा प्रणाली के माध्यम से पूरी की जाएंगी।

यदि यह मॉडल सफल होता है तो इसे दुनिया के पहले पूर्ण रूप से हरित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के रूप में पहचान मिल सकती है। अतिरिक्त बिजली को राज्य के ऊर्जा नेटवर्क में भी शामिल किया जा सकता है।

डिजाइन में भी है बड़ा बदलाव

प्रस्तावित रेल लाइन को आधुनिक तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है। अधिकांश मार्ग को ऊंचे वायाडक्ट्स पर विकसित करने की योजना है, जिससे भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभाव को कम किया जा सके।

कुछ सीमित हिस्सों में भूमिगत ट्रैक का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालन आसान हो सके।

यात्रा और विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के लागू होने से राज्य में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। तेज और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था से विभिन्न शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा।

हालांकि परियोजना अभी प्रस्ताव के चरण में है, लेकिन इसकी विशेषताओं और अनोखे फंडिंग मॉडल ने पहले ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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