---Advertisement---

भारतीय रेलवे का हरित मिशन बना मिसाल, एक साल में लगाए 81 लाख से ज्यादा पेड़

भारतीय रेलवे का हरित मिशन बना मिसाल, एक साल में लगाए 81 लाख से ज्यादा पेड़
---Advertisement---

भारतीय रेलवे का हरित मिशन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। रेलवे ने बीते वर्ष के दौरान देशभर में 81 लाख से अधिक पेड़ लगाकर हरित विकास को नई गति दी है। इसके साथ ही जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छता से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो रेलवे को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में मदद कर रहे हैं।

भारतीय रेलवे का हरित मिशन क्यों है खास

रेलवे द्वारा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत रेलवे ट्रैक, स्टेशनों और उपलब्ध भूमि पर लाखों पौधे लगाए गए। इन पेड़ों से न केवल हरित क्षेत्र बढ़ेगा बल्कि वायु गुणवत्ता में सुधार और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास लगाए गए पेड़ मिट्टी के कटाव को रोकने और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में भी सहायक साबित होंगे।

जल संरक्षण पर विशेष फोकस

जल संकट को देखते हुए रेलवे ने वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण पर भी विशेष ध्यान दिया है। देशभर में हजारों रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से पानी का संरक्षण किया जा रहा है।

इसके अलावा रेलवे परिसरों में जल पुनर्चक्रण की आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे ताजे पानी की खपत को कम करने में मदद मिल रही है।

नवीकरणीय ऊर्जा से बढ़ रही ताकत

रेलवे लगातार सौर और पवन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा चुकी है और आने वाले वर्षों में इसे और बढ़ाने की योजना है।

स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम हो रहा है और ऊर्जा दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

इलेक्ट्रिफिकेशन में हासिल की बड़ी सफलता

रेलवे नेटवर्क का लगभग पूरा ब्रॉड गेज नेटवर्क अब विद्युतीकृत हो चुका है। इससे डीजल पर निर्भरता में भारी कमी आई है और ईंधन की बचत के साथ पर्यावरणीय लाभ भी प्राप्त हुए हैं।

विद्युतीकरण के कारण ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आई है और रेलवे की संचालन क्षमता भी बेहतर हुई है।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा

रेलवे ने यात्री डिब्बों में बड़ी संख्या में बायो-टॉयलेट स्थापित किए हैं। इससे ट्रैक पर सीधे कचरा गिरने की समस्या कम हुई है और स्वच्छता में सुधार आया है।

साथ ही स्टेशनों, कार्यालयों और रेलवे कॉलोनियों में एलईडी लाइटिंग अपनाने से ऊर्जा की बचत और बेहतर रोशनी सुनिश्चित हुई है।

भविष्य के लिए बड़ा कदम

रेलवे का यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सतत विकास की दिशा में एक व्यापक प्रयास भी है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा जैसे कदम आने वाले समय में रेलवे को दुनिया के सबसे पर्यावरण-अनुकूल परिवहन नेटवर्क में शामिल कर सकते हैं।

पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने की यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

read also: विराट-अनुष्का का रोमांटिक पल बना चर्चा का विषय, RCB की जीत के बाद वायरल हुआ खास इशारा

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment