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इंदौर के राजवाड़ा में सजा लोकतंत्र का दरबार: मध्यप्रदेश सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक

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इंदौर के राजवाड़ा में सजा लोकतंत्र का दरबार: मध्यप्रदेश सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक

Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting | इंदौर, 20 मई 2025: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आज इतिहास रचते हुए इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पैलेस में पहली बार कैबिनेट बैठक का आयोजन किया। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रही, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक मिसाल कायम करती है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जन्म जयंती वर्ष के समापन के अवसर पर आयोजित इस बैठक में होलकर वंश की शाही परंपराओं को जीवंत किया गया।

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राजशाही अंदाज में सजा राजवाड़ा

राजवाड़ा, जो होलकर वंश की गौरवशाली धरोहर है, आज लगभग 80 साल बाद फिर से ‘लोकतंत्र के दरबार’ के रूप में सजा। बैठक गणेश हॉल में आयोजित की गई, जहां कभी होलकर राजा संगीत कार्यक्रम रंगपंचमी की गेर और महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन करते थे। इस बार मध्यप्रदेश सरकार ने होलकरकालीन शाही बैठक प्रणाली की तर्ज पर मंत्रियों को जमीन पर बैठाकर चर्चा की। यह पहली बार था जब कैबिनेट के सदस्यों ने पारंपरिक मालवी अंदाज में जमीन पर बैठकर नीतिगत निर्णय लिए।

मालवी परंपरा में स्वागत और आतिथ्य

कैबिनेट के सदस्यों का स्वागत मालवी परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर और पगड़ी पहनाकर किया गया। भोजन में भी मालवा की संस्कृति की झलक दिखी, जिसमें दाल-बाफले, लड्डू, चूरमा, दही बड़ा, केसर श्रीखंड, मैंगो रबड़ी और बंगाली मिठाई परोसी गई। भोजन परोसने वाले कर्मचारी भी मालवी वेशभूषा में नजर आए। यह आतिथ्य न केवल मेहमानों को मालवा की संस्कृति से रूबरू कराता है, बल्कि लोकमाता अहिल्याबाई के सुशासन और आत्मनिर्भरता के आदर्शों को भी दर्शाता है।

लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के 300वें जन्म जयंती वर्ष के समापन के अवसर पर यह बैठक उनके सुशासन, स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और महिला कल्याण के आदर्शों को श्रद्धांजलि है।” राजवाड़ा में उनके शासनकाल को दर्शाने वाले चित्र प्रदर्शित किए गए जो उनकी प्रशासनिक कुशलता और परोपकारी कार्यों को उजागर करते हैं। बैठक में होलकर साम्राज्य के संस्थापक महाराज मल्हार राव होलकर को भी स्मरण किया गया। Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting

महत्वपूर्ण निर्णयों की संभावना

बैठक में कई जनकल्याणकारी और विकास से जुड़े निर्णय लिए जाने की संभावना है। विशेष रूप से, भोपाल और इंदौर के लिए मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद इंदौर उज्जैन मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग कमेटी और मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन होगा। इसके अलावा, अन्य नीतिगत फैसलों पर भी चर्चा हुई। Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting

चिड़ियाघर में कोबरा सांप का विमोचन

बैठक के बाद मंत्रियों ने इंदौर चिड़ियाघर का दौरा किया, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किंग कोबरा सांप को स्नेक हाउस में छोड़ा। यह कदम उनके पशु संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति प्रेम को दर्शाता है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि चिड़ियाघर और राजवाड़ा की तैयारियां पूरी तरह से की गई थीं।

तैयारियों में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था

बैठक के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। ट्रैफिक व्यवधान से बचने के लिए मंत्रियों और अधिकारियों को छोटी बसों में समूहों में लाया गया, और उनके वाहनों को पार्किंग में रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। मुख्यमंत्री सहित अधिकांश सदस्य 19 मई को ही इंदौर पहुंच गए थे और उन्होंने मालवा के व्यंजनों का लुत्फ सराफा चौपाटी पर उठाया। Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व

यह बैठक न केवल प्रशासनिक, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। राजवाड़ा, जो फ्रेंच, मराठा और मुगल स्थापत्य शैलियों का अनूठा मिश्रण है, आजादी के बाद पहली बार किसी सरकारी कैबिनेट बैठक का गवाह बना। यह आयोजन मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और आधुनिक लोकतंत्र के बीच एक सेतु का प्रतीक है। Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting

आगामी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 से 31 मई तक प्रदेश में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 31 मई को भोपाल में एक भव्य आयोजन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन लोकमाता अहिल्याबाई के योगदान को और अधिक प्रचारित करेगा।इंदौर के राजवाड़ा में आयोजित यह कैबिनेट बैठक मध्यप्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम पृष्ठ जोड़ती है। मालवी संस्कृति होलकर वंश की विरासत और लोकमाता अहिल्याबाई के आदर्शों को समेटे इस आयोजन ने न केवल प्रशासनिक निर्णयों को बल्कि सांस्कृतिक गौरव को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यह बैठक मध्यप्रदेश के विकास और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting


नोट: यह न्यूज लेख विभिन्न वेब स्रोतों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित स्रोत देखे Madhya Pradesh Sarkar ki Cabinet Meeting


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