NCERT का ऑपरेशन सिंदूर मॉड्यूल: पहलगाम हमले को पाकिस्तानी सेना के आदेशों से जोड़ा, कक्षा 3-12 के लिए सप्लीमेंट्री सामग्री जारी
NCERT Operation Sindoor Module | राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर पर दो विशेष मॉड्यूल जारी किए हैं, जिन्हें कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री शिक्षण सामग्री के रूप में शामिल किया गया है। इन मॉड्यूल्स में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को पाकिस्तानी सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के सीधे आदेशों से जोड़ा गया है। यह हमला, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक-अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POK) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। मॉड्यूल्स का उद्देश्य छात्रों में भारत की सैन्य शक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा, और शांति के प्रति प्रतिबद्धता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, यह देश के बंटवारे की त्रासदी पर भी प्रकाश डालता है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने ऑपरेशन सिंदूर पर दो विशेष मॉड्यूल्स जारी किए हैं, जो कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री शिक्षण सामग्री के रूप में डिज़ाइन किए गए हैं। ये मॉड्यूल्स रेगुलर पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इन्हें पोस्टर, चर्चा, वाद-विवाद, और प्रोजेक्ट कार्यों के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया जाएगा। मॉड्यूल्स के शीर्षक इस प्रकार हैं:
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कक्षा 3-8: ऑपरेशन सिंदूर – वीरता की गाथा
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कक्षा 9-12: ऑपरेशन सिंदूर – सम्मान और बहादुरी का मिशन
इन मॉड्यूल्स का उद्देश्य छात्रों को भारत की सैन्य शक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा, और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति जागरूक करना है। साथ ही, यह पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि और उनके परिवारों के सम्मान को दर्शाता है।
पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसमें आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी शामिल थे। मॉड्यूल में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह हमला पाकिस्तानी सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के सीधे आदेशों पर किया गया था, भले ही पाकिस्तान ने इसमें अपनी संलिप्तता से इनकार किया हो। इस हमले के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और POK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय वायुसेना और सेना ने इस ऑपरेशन में सात ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र शामिल थे।
मॉड्यूल में बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर का नाम मृतकों की विधवाओं के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में चुना गया, क्योंकि सिंदूर भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं का प्रतीक है। यह ऑपरेशन न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है, बल्कि शांति और सम्मान की रक्षा का प्रतीक भी है। मॉड्यूल में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत ने यह सुनिश्चित किया कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे।
ऑपरेशन का विवरण
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तारीख: 7 मई 2025
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लक्ष्य: पाकिस्तान और POK में नौ आतंकी ठिकाने
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परिणाम: सात ठिकाने नष्ट, 100+ आतंकवादी मारे गए
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प्रमुख लक्ष्य: मुरीदके और बहावलपुर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण केंद्र
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उद्देश्य: जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की गतिविधियों को रोकना
ऑपरेशन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई 2025 तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मॉड्यूल में भारत की इस कार्रवाई को एक निर्णायक कदम बताया गया है, जो आतंकवाद के खिलाफ देश की जीरो-टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।
मॉड्यूल का उद्देश्य
NCERT के अनुसार, ये मॉड्यूल्स निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करते हैं:
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राष्ट्रीय गौरव: छात्रों में भारतीय सेना और वायुसेना की वीरता के प्रति सम्मान और गर्व की भावना विकसित करना।
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आतंकवाद पर जागरूकता: आतंकवाद के खतरे और इसके पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका को समझाना।
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ऐतिहासिक संदर्भ: देश के बंटवारे की त्रासदी और इसके दीर्घकालिक प्रभावों को समझाना।
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नैतिक शिक्षा: शांति, सम्मान, और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देना।
मॉड्यूल में विशेष रूप से कक्षा 6-8 और 9-12 के लिए देश के बंटवारे पर भी सामग्री शामिल की गई है। इसमें मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस पार्टी, और लॉर्ड माउंटबेटन को बंटवारे का जिम्मेदार ठहराया गया है। यह बताया गया है कि बंटवारे की वजह से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और आतंकवाद की समस्या पैदा हुई, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।
शिक्षण पद्धति
ये मॉड्यूल्स रेगुलर पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि सप्लीमेंट्री सामग्री के रूप में उपयोग किए जाएंगे। शिक्षकों को निम्नलिखित तरीकों से इन्हें पढ़ाने की सलाह दी गई है:
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पोस्टर और प्रदर्शनियां: ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की वीरता पर आधारित पोस्टर बनाना।
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चर्चा और वाद-विवाद: आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, और बंटवारे के प्रभावों पर कक्षा में चर्चा।
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प्रोजेक्ट कार्य: छात्रों को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले पर शोध करने के लिए प्रोत्साहित करना।
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प्रेरक कहानियां: भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की कहानियों को साझा करना।
विवाद और प्रतिक्रियाएं
मॉड्यूल्स के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से पाकिस्तानी नेतृत्व को सीधे जिम्मेदार ठहराने और बंटवारे के लिए जिन्ना, कांग्रेस, और माउंटबेटन को दोष देने वाले बयानों ने विवाद को जन्म दिया है। कुछ शिक्षाविदों और इतिहासकारों ने तर्क दिया कि यह सामग्री एकतरफा दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है और ऐतिहासिक तथ्यों को सरलीकृत करती है। एक शिक्षाविद, डॉ. रमेश चंद्रा, ने कहा, “बच्चों को इतिहास और समकालीन घटनाओं के बारे में संतुलित दृष्टिकोण देना चाहिए, न कि एक पक्षीय कथन।”
दूसरी ओर, NCERT और सरकारी अधिकारियों ने मॉड्यूल्स का बचाव करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए जरूरी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक है। यह मॉड्यूल छात्रों को देश की सुरक्षा के प्रति जागरूक और गौरवान्वित करेगा।”
सामाजिक और शैक्षिक प्रभाव
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छात्रों पर प्रभाव: ये मॉड्यूल्स युवा दिमागों में देशभक्ति और सैन्य गौरव की भावना को बढ़ावा दे सकते हैं, लेकिन संवेदनशील मुद्दों को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत करने से गलत धारणाएं भी बन सकती हैं।
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शिक्षकों की भूमिका: शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे इन मॉड्यूल्स को संवेदनशीलता के साथ पढ़ाएं और छात्रों को तथ्यों की गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करें।
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सामाजिक संदेश: मॉड्यूल्स आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और शांति के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
NCERT के ऑपरेशन सिंदूर मॉड्यूल्स भारत की सैन्य शक्ति, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, और ऐतिहासिक संदर्भों को समझाने का एक प्रयास हैं। हालांकि, इनकी सामग्री और प्रस्तुति को लेकर बहस छिड़ी है। यह जरूरी है कि स्कूल और शिक्षक इन मॉड्यूल्स को संतुलित और तथ्यपरक तरीके से पढ़ाएं ताकि छात्रों में जागरूकता के साथ-साथ आलोचनात्मक चिंतन भी विकसित हो। ऑपरेशन सिंदूर न केवल एक सैन्य कार्रवाई है, बल्कि भारत की संप्रभुता और शांति की रक्षा का प्रतीक भी है। NCERT Operation Sindoor Module
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।