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त्रिपुष्कर योग, शनिवार व्रत और शनि पूजा का विशेष दिन, दोपहर से भद्रा के कारण नहीं होंगे शुभ कार्य

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त्रिपुष्कर योग, शनिवार व्रत और शनि पूजा का विशेष दिन, दोपहर से भद्रा के कारण नहीं होंगे शुभ कार्य

Aaj Ka Panchang 27 December 2025 | शनिवार को पंचांग के अनुसार त्रिपुष्कर योग, राजपंचक, भद्रा और व्यतीपात योग का संयोग बन रहा है। आज पौष शुक्ल सप्तमी तिथि है और चंद्रमा मीन राशि में पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में गोचर कर रहा है। शनिवार होने के कारण शनिवार व्रत रखने वालों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ है। जिनकी कुंडली में साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है, वे आज विशेष रूप से शनिदेव की पूजा-अर्चना करें।

मुख्य पंचांग विवरण (27 दिसंबर 2025):

  • तिथि → पौष शुक्ल सप्तमी (01:09 PM तक), उसके बाद अष्टमी
  • नक्षत्र → पूर्व भाद्रपद (09:09 AM तक), उसके बाद उत्तर भाद्रपद
  • करण → वणिज (01:09 PM तक), उसके बाद विष्टि (28 दिसंबर तक)
  • योग → व्यतीपात (12:22 PM तक), उसके बाद वरीयान्
  • पक्ष → शुक्ल पक्ष
  • दिन → शनिवार
  • चंद्र राशि → मीन
  • दिशाशूल → पूर्व
  • सूर्योदय → 07:12 AM
  • सूर्यास्त → 05:32 PM
  • चंद्रोदय → 11:49 AM
  • चंद्रास्त → 12:24 AM (28 दिसंबर)

विशेष योग एवं महत्वपूर्ण जानकारी:

  • त्रिपुष्कर योग → सुबह 07:12 AM से 09:09 AM तक (इस दौरान पूजा, दान, जप आदि अत्यंत फलदायी)
  • राजपंचक → पूरे दिन प्रभावी
  • भद्रा → दोपहर 01:09 PM से शुरू (धरती पर वास, इसलिए दोपहर के बाद कोई शुभ कार्य न करें)
  • शनिवार व्रत एवं शनि पूजा → शनि के कष्टों से मुक्ति के लिए आज विशेष दिन। शनिदेव को तेल, काले तिल, नीले फूल, काले गुलाब जामुन का भोग, शनि चालीसा, शनि रक्षा कवच का पाठ करें। तेल से आरती करें।

शनि दोष निवारण के लिए आज करें ये दान:

  • लोहा या स्टील के बर्तन
  • कंबल
  • काले या नीले रंग के कपड़े
  • काले तिल
  • काली उड़द
  • गरीब, सफाई कर्मचारी या जरूरतमंदों की मदद करें
  • नीचे काम करने वालों से विनम्र व्यवहार रखें

आज के महत्वपूर्ण समय (मुहूर्त):

  • राहुकाल → दोपहर 09:00 AM से 10:30 AM तक (इस दौरान कोई नया कार्य शुरू न करें)
  • यमघंट → दोपहर 01:30 PM से 03:00 PM तक
  • गुलिक काल → सुबह 10:30 AM से 12:00 PM तक
  • शुभ मुहूर्त (सुबह का समय) → 07:12 AM से 09:09 AM (त्रिपुष्कर योग)
  • अशुभ समय → दोपहर 01:09 PM के बाद (भद्रा लगने के कारण)

सुझाव: आज सुबह के त्रिपुष्कर योग में शनि मंत्र जप, हनुमान चालीसा पाठ या शनि स्तोत्र का पाठ करें। दोपहर के बाद केवल आवश्यक कार्य करें, नए शुभ कार्य टालें। शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखें और दान-पुण्य अवश्य करें।


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