ई-गवर्नेंस विभाग की पहल: सीहोर में अब तक 1000 कर्मचारियों को मिला एआई टूल्स का प्रशिक्षण
सरकारी दफ्तर होंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस, एमपी में 5 माह में 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी होंगे प्रशिक्षित
AI in Government Offices MP | डिजिटल इंडिया की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़कर अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी है। इसके तहत प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को एआई टूल्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी 2026 से सीहोर जिले में अब तक 1000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी एआई ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि अगले पांच महीनों में 5000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अब तक एआई तकनीक का उपयोग मुख्य रूप से निजी संस्थानों तक सीमित था, लेकिन बदलते समय के साथ शासकीय विभाग भी तकनीकी रूप से सशक्त हो रहे हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालयों पर कलेक्टरेट परिसर स्थित ई-दक्ष केंद्र में विभिन्न बैचों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यहां ई-गवर्नेंस विभाग के प्रशिक्षक कर्मचारियों को एआई टूल्स के व्यवहारिक उपयोग की जानकारी दे रहे हैं।
एआई से बढ़ेगी सरकारी कार्यों की उत्पादकता
हेड एआई ट्रेनर अभिनव मोदी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में कार्य उत्पादकता बढ़ाना है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को एआई की मदद से पत्र, ई-मेल, नोटशीट, फोटो और वीडियो ड्राफ्टिंग जैसे कार्य कम समय में करने की तकनीक सिखाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि एआई टूल्स के अभ्यास से अधिकारी स्वयं तकनीकी कार्य कर सकेंगे, जिससे अधीनस्थ स्टाफ पर निर्भरता कम होगी और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
पांच महीने में 5 हजार को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य
एआई ट्रेनर बबिन मिश्रा ने बताया कि सीहोर जिले में जनवरी 2026 से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। अब तक 1000 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और आने वाले पांच महीनों में 5000 लोगों को एआई टूल्स में दक्ष बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एआई तकनीक की समझ के साथ उसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है।
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मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।



