अनिरुद्धाचार्य केस : सोशल मीडिया पोस्ट पर लीगल नोटिस, 15 दिन का अल्टीमेटम और 10 लाख की मांग
Aniruddhacharya Case Takes Legal Turn | मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक अनिल कुमार तिवारी उर्फ अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हुई अफवाहों ने अब कानूनी रंग ले लिया है। कथित तौर पर उनके खिलाफ पुतला दहन और मुकदमा दर्ज होने की खबर फैलाने वाले कुछ लोगों को लीगल नोटिस थमा दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
- अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर और मथुरा निवासी गुंजन शर्मा को अनिरुद्धाचार्य की ओर से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा गया है।
- नोटिस में आरोप है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कथावाचक के खिलाफ भ्रामक, तथ्यहीन और मानहानिकारक बयान और पोस्ट प्रसारित किए गए, जिसमें दावा किया गया कि उनके खिलाफ पुतला दहन हुआ और मुकदमा दर्ज हो गया।
- नोटिस में 15 दिनों के अंदर सभी विवादित पोस्ट, वीडियो और बयान हटाने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है।
- ऐसा न करने पर मानहानि का मुकदमा दायर कर 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की जाएगी।
पृष्ठभूमि क्या है?
मीरा राठौर ने अनिरुद्धाचार्य पर महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए अदालत में परिवाद (शिकायत) दाखिल की थी। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और कथावाचक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और मामला विचाराधीन है। इस बीच सोशल मीडिया पर “पुतला दहन” और “मुकदमा दर्ज” जैसी खबरें तेजी से फैलाई गईं, जिसे कथावाचक पक्ष ने झूठा प्रचार और छवि खराब करने की कोशिश करार दिया।
कथावाचक पक्ष का तर्क
- अदालत के फैसले से पहले इस तरह के बयान देना न केवल व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि इसे कोर्ट की अवमानना भी माना जा सकता है।
- वकील का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाया गया यह प्रचार पूरी तरह तथ्यहीन है।
मीरा राठौर का पक्ष मीरा राठौर ने इसे डराने-धमकाने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया में विश्वास रखती हैं और अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगी। वे नोटिस का उचित जवाब दाखिल करेंगी।
यह मामला अब कानूनी लड़ाई के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अफवाहों और धार्मिक-आध्यात्मिक व्यक्तित्वों की छवि से जुड़े विवाद का एक नया अध्याय बन चुका है। आगे क्या होता है—यह 15 दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
यह भी पढ़े…
मौत के बाद क्या होता है? 10 प्रमुख धर्मों के रहस्यमय और गहन जवाब!
मैं इंदर सिंह चौधरी वर्ष 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने मास कम्यूनिकेशन में स्नातकोत्तर (M.A.) किया है। वर्ष 2007 से 2012 तक मैं दैनिक भास्कर, उज्जैन में कार्यरत रहा, जहाँ पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2013 से 2023 तक मैंने अपना मीडिया हाउस ‘Hi Media’ संचालित किया, जो उज्जैन में एक विश्वसनीय नाम बना। डिजिटल पत्रकारिता के युग में, मैंने सितंबर 2023 में पुनः दैनिक भास्कर से जुड़ते हुए साथ ही https://mpnewsbrief.com/ नाम से एक न्यूज़ पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से मैं करेंट अफेयर्स, स्वास्थ्य, ज्योतिष, कृषि और धर्म जैसे विषयों पर सामग्री प्रकाशित करता हूं। फ़िलहाल मैं अकेले ही इस पोर्टल का संचालन कर रहा हूं, इसलिए सामग्री सीमित हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होता।









